डॉ. बगवाडी फिर छाये विश्व पटल पर: वर्ष 2025 में विश्व के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की सूची में मिला स्थान।

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी यूएसए और एल्सेवियर नीदरलैंड के दवारा सामुहिक रूप से सितंबर 2025 में जारी “वर्ष 2025 में विश्व के शीर्ष 2% वैज्ञानिको की सुची” में पुन: डॉ0 आशीष बगवाडी को उनके उत्कृष्ट और असाधारण शोध कार्य हेतु स्थान प्रदान किया गया।
वर्तमान में डॉ. बगवाडी उत्तराखंड राज्य सरकार के सरकारी संस्थान वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय, कैंपस इंस्टीट्यूट डब्ल्यू0आई0टी0 में एच0ओ0डी0 इलेक्ट्रोनिक्स एंड कम्प्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के पद पर कार्यरत है।
डॉ. बगवाड़ी दवारा प्राथमिक शिक्षा-दीक्षा सरस्वती शिशु मंदिर एवं राजकीय इंटर कॉलेज रुद्रप्रयाग से ग्रहण करने के बाद बी.टेक (ऑनर), एम.टेक. (गोल्ड मेडलिस्ट), एनआईटी कुरूक्षेत्र, तथा यूटीयू, तक का उनका शैक्षणिक सफर रहा।
डॉ. बगवाडी ने अपने किये गये कार्यों से सिद्ध किया कि पहाड़ की चुनौतियो को कैसे अथक लगन एवं कठिन परिश्रम से अवसर में बदला जा सकता है, ताकि अपने सपनों को साकार किया जा सके। साथ ही अगर आपका जनून और इमानदार मेहनत साथ हैं तो आप किसी भी तरह की विषम परिस्थितयों में क्यों न हो, सफलता आपके कदम चूम ही लेती हैं।
डॉ० बगवाड़ी द्वारा 195 से अधिक शोधपत्र अंतर्राष्ट्रीय एससीआई/ स्कोपस/ आईएसआई/ईएससीआई इंडेक्स जनरेलेश में, कॉन्फ्रेंस, मैगजीन, लेटर्स, ट्रांजेक्शन में प्रकाशित के साथ-साथ 03 पेटेट, 10 पुस्तकों का अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय प्रकाशन के साथ ही कई प्रोजेक्ट भी सम्पादित किये जा चुके हैं।
शैक्षणिक क्षेत्र में आने से पूर्व डा० बगवाडी ने रिलाइन्स में २ वर्ष के दौरान चाईना में भी कार्य किया।
वर्तमान के दौर में जहां लोग अवसरवादी होकर देश छोड़ रहे हैं, वहीं उत्तराखण्ड के केदार घाटी से जुड़े होने के नाते “घाटी के लाल एवं माटी के लाल” ने स्वदेश में रहने का निर्णय कर देश सेवा को अपना लक्ष्य एवं कर्तव्य चुना।
डा० बगवाडी का ये सम्मान माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सपने विकसित भारत की दिशा में बढ़ता हुआ एक अमूल्य कदम है, जो बदलते भारत की दिशा और दशा को दर्शाता है।
अपनी इस उपलब्धि से डॉ० बगवाड़ी ने अपने परिवारजनों, क्षेत्रवासियो, जनपदवासियो, राज्य व राष्ट्र का गौरव एवं सम्मान विश्व पटल पर लहराया एवं बढ़ाया है, डॉ0 बगवाड़ी के इस असाधारण उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति एवं सस्था के निदेशक द्वारा हर्ष व्यक्त करते हुये कहा कि यह विश्वविद्यालय एवं संस्था के लिए गर्व का क्षण है।
डॉ० बगवाड़ी की यह वैश्विक मान्यता हमारे संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रमाण है। उन्हें इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाये एवं हार्दिक बधाई देते हुये उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं। साथ ही विश्वविद्यालय के शिक्षको, कर्मियों एवं छात्र-छात्राओं में भी खुशी का माहौल हैं।
डॉ० बगवाड़ी के इस असाधारण एवं उत्कृष्ट सम्मान पर न केवल राष्ट्र अपितु अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर डॉ० असरफ समारा, सिनसिनाटी यूनिवर्सिटी यूएसए, डॉ. इवान पर्ल, रूस, डॉ. अलविना, नीदरलैंड, डॉ. हसन, मलेशिया, डॉ0 मुस्ती, एन.यू.एस.टी. नामिविया, डॉ0 जॉर्ज बारबोसा ब्राज़ील, डॉ. प्रसाद, अलबोर्ग यूनिवर्सिटी डेनमार्क इत्यादि द्वारा भी बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित की गई।
