अप्रैल 2025 के व्रत त्योहार की लिस्ट, हनुमान जयंती, अक्षय तृतीया कब जानें: आचार्य सुशील जोशी।

अप्रैल अंग्रेजी कैलेंडर का चौथा महीना है जो नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। इस साल अप्रैल में चैत्र और वैशाख महीने का संयोग बन रहा है।
वैशाख महीना दान पुण्य और हनुमान जी, राम जी, लक्ष्मी जी की पूजा के लिए खास माना जाता है। अप्रैल में कई महत्वपूर्ण व्रत त्योहार भी मनाए जाते हैं जैसे हनुमान जयंती, अक्षय तृतीया, राम नवमी, परशुराम जयंती आदि।
अप्रैल मास के व्रत,त्योहार
1 अप्रैल चतुर्थी व्रत।
3 अप्रैल कालरात्रि पूजन।
5 अप्रैल दुर्गाष्टमी पूजन।
6 अप्रैल राम नवमी।
8 अप्रैल एकादशी व्रत।
10 अप्रैल प्रदोष व्रत।
12 अप्रैल हनुमान जन्मोत्सव।
12 अप्रैल पूर्णिमा व्रत।
14 अप्रैल संक्रांति।
16 अप्रैल गणेश चतुर्थी व्रत।
24 अप्रैल एकादशी व्रत।
25 अप्रैल प्रदोष व्रत।
26 अप्रैल मासशिवरात्री व्रत।
27 अप्रैल देवपित्र अमावस्या।
29 अप्रैल परशुराम जनमोत्स्व।
30 अप्रैल अक्षय तृतीया।
30 अप्रैल से उत्तराखंड के चारो धामो की यात्रा आरंभ।
राम नवमी – चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया जाता है। राम नवमी वाले दिन दोपहर में रामलला का जन्म कराया जाता है। अभिषेक, पूजन कर उन्हें बाल स्वरूप में तैयार किया जाता है। मान्यता है कि राम नवमी पर जिस घर में रामचरितमानस, सुंदरकांड या राम नाम के मंत्रों का जाप होता है, वहां सुख समृद्धि की कोई कमी नहीं होती है।
हनुमान जयंती – चैत्र पूर्णिमा पर श्रीराम के परम भक्त का हनुमान जी का जन्म हुआ था। भगवान हनुमान शक्ति, भक्ति और अटूट विश्वास के प्रतीक हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार उनकी पूजा करने से भय, नकारात्मक ऊर्जा और बुरी शक्तियों का नाश होता है।
अक्षय तृतीया – वैशाख शुक्ल तृतीया तिथि पर अक्षय तृतीया के दिन ही सतयुग और त्रेता का आरंभ हुआ है। मान्यताओं के अनुसार इस दिन किया गया दान और धर्म कर्म का का पुण्य अक्षय होता है यानी इसका क्षय नहीं होता है। सोना खरीदने से मां लक्ष्मी सदा घर में वास करती है।
