लापरवाही बरतने वाले विवेचकों पर होगी कार्यवाही, उत्कृष्ट विवेचना करने वाले होंगे पुरूष्कृत: SSP Pauri 

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लापरवाही बरतने वाले विवेचकों पर होगी कार्यवाही, उत्कृष्ट विवेचना करने वाले होंगे पुरूष्कृत।: SSP Pauri

  • पौड़ी कप्तान ने की लम्बित विवेचनाओं की समीक्षा, विवेचकों को दिये दिशा-निर्देश।
  • लापरवाही बरतने वाले विवेचकों पर होगी कार्यवाही, उत्कृष्ट विवेचना करने वाले होंगे पुरूष्कृत।: SSP Pauri

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, महोदया जनपद पौड़ी गढ़वाल, श्रीमती श्वेता चौबे द्वारा जनपद पौड़ी को Best Policing देने, लम्बित विवेचनाओं की विवेचनात्मक कार्यवाही में तेजी लाने एवं शिकायती प्रार्थना पत्रों के त्वरित निस्तारण हेतु सर्किल कोटद्वार के समस्त विवेचकों की समीक्षा बैठक की गयी। सर्किलवार समीक्षा बैठक करने का मुख्य उद्देश्य विशेषतः 06 माह से अधिक समय से लम्बित विवेचनाओं में ठोस साक्ष्य संकलन करते हुये संकलित पुष्टि कारक साक्ष्यों के आधार पर विवेचनाओं तथा किसी भी स्तर से प्राप्त *शिकायती प्रार्थना पत्रों का त्वरित निस्तारण* कराया जाना है, जिससे कि वादी द्वारा दर्ज कराये गये अभियोगों एवं पीड़ित/शिकायतकर्ता द्वारा प्रेषित शिकायती प्रार्थना पत्रों का त्वरित निस्तारण किया जा सके एवं आपराधिक तत्वों की गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके, जिससे आमजनमानस के मध्य पुलिस के प्रति विश्वास की भावना बनी रहे। इसी क्रम में समस्त विवेचकों को निम्न दिशा निर्देश निर्गत किये गयेः-

➡️ समस्त विवेचक विवेचनात्मक कार्यवाही में सुधार लायें एवं 06 माह से अधिक समय से अकारण लम्बित चल रही विवेचनाओं का शीघ्र निस्तारण करें।

➡️ लम्बित विवेचनाओं/पार्ट पैण्डिंग विवेचनाओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाय।

➡️ जिन प्रकरणों में अभियुक्तों के पते तस्दीक नहीं हो रहे हैं, उनके पते तस्तीक करने हेतु बैंकों के केवाईसी, आधार कार्ड, मोबाइल नम्बर आदि प्राप्त कर उनके माध्यम से पते तस्दीक करें।

➡️ जिन अभियोगों में अभियुक्तगण गिरफ्तारी से बच रहे हैं उनके विरूद्ध मा0 न्यायालय से गैर जमानती वारण्ट प्राप्त कर तत्काल गिरफ्तारी के प्रयास करें इसके उपरान्त भी गिरफ्तारी न होने की दशा में नियमानुसार धारा-82/83 सीआरपीसी की कार्यवाही करते हुये अभियोग का विधिक निस्तारण करें।

➡️ साईबर/आई.टी. एक्ट एवं धोखाधड़ी से सम्बन्धित विवेचनाओं में साक्ष्य संकलन हेतु आधुनिकतम्त रीके अपनायें।

➡️ किसी भी प्रकार की मानव गुमशुदगी की सूचना प्राप्त होने के तत्काल पश्चात गुमशुदा की तलाश हेतु प्रत्येक स्तर पर ठोस सार्थक प्रयास करते हुये सकुशल बरामदगी करें।

➡️ मादक पदार्थों का प्रयोग एवं खरीद फरोख्त करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध NDPS Act की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत प्रभावी कार्यवाही करें एवं मादक पदार्थों के स्रोत का पता लगायें।

➡️ *एक से अधिक अपराधों* में संलिप्त अभियुक्तों के विरूद्ध *गुण्डा अधिनियम* के अन्तर्गत कार्यवाही करें।

➡️ सक्रिय अपराधियों के विरूद्ध गुण्डा अधिनियम के अन्तर्गत कार्यवाही कर उनको जिला बदर करने हेतु आवश्यक कार्यवाही करें।

➡️ गैंग बनाकर अपराध कारित करने वाले अभियुक्तों के विरूद्ध गैंगस्टर अधिनियम के अन्तर्गत कार्यवाही करें एवं उनके द्वारा अवैध रूप से अर्जित सम्पत्तियों की धारा 14 (1) के अन्तर्गत नियमानुसार जब्तीकरण की कार्यवाही करें।

➡️ वर्तमान में वांछित/ईनामी अपराधियों की गिरफ्तारी एवं सम्पत्ति जब्तीकरण सम्बन्धी प्रचलित अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनायें।

➡️ घरेलू हिंसा/महिला उत्पीड़न/दहेज प्रतिषेध अधिनियम से सम्बन्धित अभियोगों का गुण-दोष के आधार पर विधिक निस्तारण करें।

➡️ महिला/बाल अपराध सम्बन्धी विवेचनाओं की मा0 न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देश/गाइडलाइन्स का पालन करते हुये निर्धारित समयावधि के अन्दर सफल विधिक निस्तारण करें।

➡️ अपर पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी कोटद्वार को लम्बित विवेचनाओं एवं शिकायती प्रार्थना पत्रों का निस्तारण अपने निकट पर्यवेक्षण में कराये जाने हेतु निर्देशित किया गया।

उक्त समीक्षा गोष्ठी में श्री शेखर चन्द्र सुयाल अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार, श्री गणेश लाल कोहली क्षेत्राधिकारी कोटद्वार, श्री विजय सिंह प्रभारी निरीक्षक एवं सर्किल कोटद्वार के समस्त विवेचक मौजूद रहे।

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