जीबी पंत इंजीनियरिंग कॉलेज में IEEE Day 2026 का शुभारंभ, नवाचार एवं तकनीकी रचनात्मकता को मिलेगा बढ़ावा।

गोविंद बल्लभ पंत इंजीनियरिंग कॉलेज, पौड़ी गढ़वाल में IEEE Day 2026 का शुभारंभ उत्साह एवं रचनात्मक वातावरण के बीच हुआ।
तीन दिवसीय यह आयोजन 9 से 11 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में तकनीकी नवाचार, रचनात्मकता, व्यावहारिक कौशल तथा IEEE की गतिविधियों और अवसरों के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. ममता बौंठियाल, IEEE स्टूडेंट कोऑर्डिनेटर डॉ. कमलजीत सिंह भाटिया, आयोजन समन्वयक श्री के. डी. नारायण, डॉ. अरुण भट्ट, डॉ. पवन अग्रवाल, डॉ. संदीप कुमार तथा श्री प्रांशु डंगवाल सहित अन्य उपस्थित सदस्यों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं पौधे को जल अर्पित करके किया गया।
पौधे को जल अर्पित करने की गतिविधि पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास तथा विद्यार्थियों की प्रतिभा को निरंतर प्रोत्साहित करने का प्रतीक रही।
आयोजन के प्रथम दिन IEEE टी-शर्ट एवं वेबसाइट का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए एक परिचयात्मक कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें उन्हें IEEE के उद्देश्यों, तकनीकी गतिविधियों, उपलब्ध अवसरों तथा विद्यार्थी समुदाय में सक्रिय सहभागिता के महत्व से अवगत कराया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को तकनीकी मंचों से जोड़ना और उन्हें नवाचार आधारित गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करना रहा।
आयोजन के दूसरे दिन, 10 अक्टूबर को UI Design Showcase, Poster Making तथा उन्नत भारत अभियान (UBA) के सहयोग से Sociothon आयोजित किया जाएगा।
Sociothon के माध्यम से विद्यार्थी समुदाय की वास्तविक समस्याओं को समझते हुए उनके व्यावहारिक एवं तकनीकी समाधान प्रस्तुत करेंगे। वहीं, 11 अक्टूबर को OpenCV Filter Showcase और Precision Run जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिनके माध्यम से विद्यार्थियों को तकनीकी दक्षता, रचनात्मक सोच और व्यावहारिक क्षमताओं के प्रदर्शन का अवसर मिलेगा।
संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) वी. के. बंगा ने IEEE Day 2026 के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में नवाचार, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं व्यावहारिक तकनीकी कौशल विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी शिक्षा को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखकर वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान से जोड़ना आवश्यक है।
उन्होंने विद्यार्थियों को नई तकनीकों को सीखने, रचनात्मक विचारों को विकसित करने तथा समाज एवं पर्यावरण के हित में तकनीकी समाधानों पर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि IEEE जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करने के साथ-साथ उनमें सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना भी विकसित करेंगी।
IEEE Day 2026 के माध्यम से विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के व्यावहारिक उपयोग, नवाचार आधारित विचारों के आदान-प्रदान तथा सामाजिक समस्याओं के समाधान की दिशा में कार्य करने का अवसर प्राप्त हो रहा है।
यह आयोजन संस्थान में तकनीकी रचनात्मकता, सहयोग और अनुभव आधारित शिक्षण को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
