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उत्तराखंड सरकार ने देहरादून में (नियो मेट्रो) Neo Metro चलाने का प्रस्ताव मंजूरी के लिए central government के पास भेज दिया है। अब केंद्र की अंतिम मंजूरी के बाद करीब 5 साल बाद Dehradun के इस project पर काम शुरू होने की उम्मीद जगी है।

क्या है मेट्रो नियो
-मेट्रो नियो सिस्टम रेल गाइडेड सिस्टम है, जिसमें रबड़ के टायर वाले इलेक्ट्रिक कोच होंगे।
-इसके कोच स्टील या एल्युमिनियम के बने होंगे। इसमें इतना पावर बैकअप होगा कि बिजली जाने पर भी ट्रेन 20 किमी चल सकेगी।
-सामान्य सड़क के किनारों पर फेंसिंग करके या दीवार बनाकर इसका ट्रैक तैयार किया जा सकेगा।
-इसमें ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम होगा, स्पीड लिमिट भी नियंत्रण में रहेगी।
-इसमें टिकट का सिस्टम क्यू आर कोड या सामान्य मोबिलिटी कार्ड से होगा।
-इसके ट्रैक की चौड़ाई आठ मीटर होगी। जहां रुकेगी, वहां 1.1 मीटर का साइड प्लेटफॉर्म होगा। आईसलैंड प्लेटफॉर्म चार मीटर चौड़ाई का होगा।
प्रदेश सरकार लंबे समय से Dehradun में metro चलाने के लिए प्रयास कर रही है। इसके लिए 2016 में metro corporation का गठन करते हुए शीर्ष स्तर के अधिकारियों की तैनाती हो चुकी है। अब कई दौर के मंथन और डीपीआर पर विचार करने के बाद प्रदेश सरकार ने आखिरकार Neo metro के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। आवास विभाग के इस प्रस्ताव को पिछले माह विचलन से मंजूर करते हुए अंतिम मंजूरी के लिए central government के पास भेज दिया गया है। सूत्रों के अनुसार प्रदेश सरकार प्रथम चरण में central government के साथ पचास प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ देहरादून के दो रूटों पर Neo metro चलाना चाहती है। दूसरे चरण में देहरादून को metro के जरिए हरिद्वार-ऋषिकेश से जोड़ा जाएगा। इस पूरे project पर 1600 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है, राज्य सरकार इसके लिए लोन लेगी। आपको बता दे कि central government से मंजूरी मिलने के बाद, सरकार जमीन अधिग्रहण की कार्यवाही करेगी।
जानिए route और station
1 FRI से Raipur (13.9 किमी)
Station : FRI, आईएमए ब्लड बैंक, दून स्कूल, कनॉट प्लेस, घंटाघर, गांधी पार्क, सीएमआई, आराघर, नेहरू कॉलोनी, अपर बद्रीश कॉलोनी, अपर नत्थनपुर, ओएफडी, हाथीखाना, रायपुर
2 ISBT से Gandhi park (दूरी 8.5 किमी)
Station : आईएसबीटी, सेवलाकला, आईटीआई, लालपुल, चमनपुरी, पथरीबाग, रेलवे स्टेशन, कोर्ट Route में फिर किया गया बदलाव
पहले ISBT रूट के track को जाखन तक ले जाने का प्लान था। लेकिन राजपुर पर जमीन अधिग्रहण में ज्यादा दिक्कतों के चलते प्रथम चरण में इस रूट को गांधी पार्क तक सीमित किया गया है। गांधी पार्क में यह ट्रैक FRI-रायपुर रोड ट्रैक में मिल जाएगा। नियो metro की लागत मूल metro के मुकाबले करीब एक हजार करोड़ रुपये कम आ रही है। केंद्र सरकार भी छोटे शहरों में नियो metro बनाने पर ही जोर दे रही है।
Central government की नियो metro policy के तहत ही उक्त प्रस्ताव भेजा गया है। केंद्र से मंजूरी के बाद हमें लोन लेने का इंतजाम करना होगा। इसके बाद प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो पाएगा। तेजी से बढ़ते शहर की जरूरत को देखते हुए हमें आधुनिक transport माध्यम की सख्त जरूरत है।
