जीबीपीआईईटी में प्रवेश का नया रिकॉर्ड, 600 प्रवेश।

गोविंद बल्लभ पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (जीबीपीआईईटी), घुड़दौड़ी में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विभिन्न स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की उत्साहजनक सहभागिता देखने को मिली है।
संस्थान के अधिष्ठाता शैक्षणिक डॉ. आशुतोष गुप्ता के अनुसार, वर्तमान प्रवेश स्थिति के अनुसार विभिन्न पाठ्यक्रमों में कुल 600 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है।
संस्थान के वर्तमान निदेशक प्रो. (डॉ.) वी. के. बंगा के कार्यभार ग्रहण करने के बाद से संस्थान में प्रवेश संख्या में निरंतर सकारात्मक वृद्धि देखने को मिली है।
उनके कार्यकाल में पिछले शैक्षणिक सत्र 2025-26 में संस्थान में प्रवेश का आंकड़ा 510 तक पहुंचा था, जबकि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में यह संख्या बढ़कर 600 तक पहुंच गई है। लगातार दूसरे वर्ष प्रवेश संख्या में हुई यह वृद्धि संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों, नए पाठ्यक्रमों, विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध अवसरों तथा संस्थान के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।
इस शैक्षणिक सत्र की प्रमुख उपलब्धियों में संस्थान में नए पाठ्यक्रम के रूप में प्रारंभ किया गया बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन्स (बीसीए) कार्यक्रम भी शामिल है।
बीसीए के लिए संस्थान में 40 विद्यार्थियों की स्वीकृत प्रवेश क्षमता है, जिसके सापेक्ष अब तक 37 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। नए पाठ्यक्रम को मिली यह उत्साहजनक प्रतिक्रिया कंप्यूटर एवं एप्लीकेशन आधारित शिक्षा के प्रति विद्यार्थियों की बढ़ती रुचि को दर्शाती है।
यह कार्यक्रम स्थानीय विद्यार्थियों के लिए एक बेहतर विकल्प है तथा स्थानीय विद्यार्थियों के साथ-साथ प्रदेश के विभिन्न जिलों से भी उत्साहजनक प्रवेश हुए हैं। बीसीए कार्यक्रम कंप्यूटर साइंस एंड एप्लीकेशन्स विभाग के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है।
बी.टेक. प्रथम वर्ष के विभिन्न पाठ्यक्रमों में कुल 452 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। इनमें कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग एवं सिविल इंजीनियरिंग में 65-65, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में 64, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (एआईएमएल) में 63, मैकेनिकल इंजीनियरिंग में 62, जैव प्रौद्योगिकी में 46 तथा मैकेनिकल इंजीनियरिंग (मैन्युफैक्चरिंग इंजीनियरिंग) में 22 विद्यार्थी शामिल हैं। इसमें पीएमएसएसएस, जम्मू-कश्मीर के अंतर्गत प्रवेशित विद्यार्थी भी शामिल हैं।
लेटरल एंट्री के माध्यम से बी.टेक. में कुल 70 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। इनमें सिविल इंजीनियरिंग के 18, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के 12, मैकेनिकल इंजीनियरिंग के 11, मैकेनिकल इंजीनियरिंग (मैन्युफैक्चरिंग इंजीनियरिंग) के 09, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग तथा कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (एआईएमएल) के 07-07 और कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के 06 विद्यार्थी शामिल हैं। स्नातकोत्तर स्तर पर एम.टेक. कार्यक्रमों में कुल 18 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है, जिनमें कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के 11, स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग के 06 तथा पावर सिस्टम के 01 विद्यार्थी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन्स (एमसीए) में 23 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है।
इस प्रकार शैक्षणिक सत्र 2026-27 में बी.टेक. प्रथम वर्ष एवं लेटरल एंट्री, एम.टेक., एमसीए एवं बीसीए सहित संस्थान में कुल 600 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। पिछले वर्ष 510 विद्यार्थियों के प्रवेश के बाद इस वर्ष 600 विद्यार्थियों के आंकड़े तक पहुंचना संस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) वी. के. बंगा ने कहा कि माननीय तकनीकी शिक्षा मंत्री एवं अध्यक्ष, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स, डॉ. धन सिंह रावत जी के निरंतर मार्गदर्शन, सहयोग एवं तकनीकी शिक्षा के विकास के प्रति उनकी विशेष प्रतिबद्धता से राज्य में तकनीकी शिक्षा को नई दिशा मिल रही है। उन्होंने कहा कि माननीय मंत्री जी द्वारा जीबीपीआईईटी की शैक्षणिक एवं संस्थागत प्रगति पर विशेष ध्यान देते हुए संस्थान को समय एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने उपाध्यक्ष, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, आईएएस के निरंतर मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि माननीय मंत्री जी एवं उपाध्यक्ष, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के मार्गदर्शन तथा संस्थान परिवार के सामूहिक प्रयासों से प्रवेश, शैक्षणिक गतिविधियों एवं विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध अवसरों में निरंतर सकारात्मक वृद्धि हो रही है।
जीबीपीआईईटी प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।
