स्वामी दयानंद सरस्वती की जयंती के उपलक्ष में संस्कृत विभाग द्वारा ऑनलाइन माध्यम से एक व्याख्यान आयोजित किया गया।

लंढोरा, चमन लाल महाविद्यालय में आज स्वामी दयानंद सरस्वती की जयंती के उपलक्ष में संस्कृत विभाग द्वारा ऑनलाइन माध्यम से एक व्याख्यान आयोजित किया गया जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय हरिद्वार से दर्शनशास्त्र विभाग से डॉ. भारत वेद अलंकार आमंत्रित किए गए कार्यक्रम का शुभारंभ प्रबंध समिति के सचिव श्री अरुण हरित ने दीप प्रज्वलित कर किया तत्पश्चात डॉ. भारत वेद अलंकार ने बताया कि स्वामी दयानंद सरस्वती का जीवन कितना संघर्ष पूर्ण था उन्हीं के कारण आज नारी जाति को सम्मान मिल सका नारी जाति के उत्थान के लिए उन्होंने अनेक अभियान चलाएं और उनके लिए अनेक कार्य किए l सत्यार्थ प्रकाश नामक ग्रंथ के विषय पर भी उन्होंने प्रकाश डाला और छात्र-छात्राओं को बताया कि जीवन शैली को सुधारने के लिए हमें अपने जीवन में सत्यार्थ प्रकाश का अध्ययन करना चाहिए l स्वामी दयानंद सरस्वती ने यज्ञ एवं गायत्री मंत्र की उपासना पर अधिक बल दिया वह कहते थे कि यज्ञ से वातावरण ही नहीं अपितु हमारे विचारों का भी शुद्धिकरण होता है l महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. दीपा अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं को बताया कि हमें स्वामी दयानंद सरस्वती के जीवन से प्रेरणा लेकर मानव कल्याण के कार्यों में भागीदारी निभानी चाहिए l इसी क्रम में कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अनीता शर्मा ने सभी आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया l इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त शिक्षक एवं कर्मचारी गण उपस्थित रहे।

