गाजियाबाद में स्वाट टीम ने नकली नोट बनाने वाले गैंग का खुलासा करते हुए मास्टरमाइंड समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी नगर कोतवाली क्षेत्र के इस्लामनगर से नकली नोटों का धंधा चला रहे थे। इनके कब्जे से 6.59 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए गए हैं। इनमें 100 से लेकर 2000 के नोट शामिल हैं। गैंग के मास्टरमाइंड ने नकली नोट बनाने का तरीका यू-ट्यूब से सीखा था और करीब चार महीने में वह नकली नोट बनाने का एक्सपर्ट हो गया था। पुलिस का कहना है कि देश की अन्य एजेंसियों को भी सूचना दे दी गई है।
एएसपी आकाश पटेल ने बताया कि स्वाट टीम को इस्लामनगर निवासी यूनुस के मकान में नकली नोट बनाए जाने की सूचना मिली थी। छापेमारी की गई तो मकान से 6.59 लाख के नकली नोट, कंप्यूटर, स्कैनर, प्रिंटर और कागज के बंडल बरामद हुए। मौके से यूनुस के अलावा नगर कोतवाली के कालकागढ़ी निवासी अमन, मोती मस्जिद के पीछे कैलाभट्टा निवासी रहबर व सोनू उर्फ गंजा |
चमन कॉलोनी निवासी आजाद, लालकुआं स्थित राज कंपाउंड निवासी आलम उर्फ आशीष तथा विजयनगर के पुराना कैलाश नगर निवासी फुरकान अब्बासी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, आठवीं पास आजाद गिरोह का मास्टरमाइंड है। आजाद, सोनू और यूनुस नकली नोट बनाने का काम करते थे, जबकि बाकी आरोपी नकली नोटों को बाजार में चलाने का काम करते थे।
