Category: देहरादून

  • प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 182 करोड़ की चार परियोजनाओं का किया गया शिलान्यास।

    प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 182 करोड़ की चार परियोजनाओं का किया गया शिलान्यास।

    प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 182 करोड़ की चार परियोजनाओं का किया गया शिलान्यास।

    • प्रदेश को स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं के लिए केन्द्र सरकार देगी पूरा सहयोग- केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री।

    • हेल्थ एवं वेलनेस सेंटरों से ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच रही है स्वास्थ्य सेवा।

    • केन्द्रीय मंत्री ने स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास में राज्य सरकार के प्रयासों को सराहा।

    • स्वस्थ समाज से ही समृद्ध राष्ट्र का निर्माण संभव।

    • टी.बी मुक्त उत्तराखण्ड के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की भी की सराहना।

    • वसुधैव कुटुम्बकम् की अवधारणा पर स्वास्थ्य के क्षेत्र में किये जा रहे हैं कार्य।

    • उत्तराखण्ड में स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहयोग के लिए मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री का जताया आभार।

    • बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का विकास एवं सभी को प्रभावी ईलाज हमारी प्राथमिकता।

    • प्रदेश में योग, आयुर्वेद एवंज ड़ी-बूटी कृषिकरण को दिया जा रहा है बढ़ावा।

    केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया एवं मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को उत्तराखण्ड में स्वास्थ्य से संबंधित लगभग 182 करोड़ रूपये की चार परियोजनाओं का शिलान्यास किया। जिसमें 124.10 करोड़ की लागत से दून मेडिकल कॉलेज में 500 शैय्या के नवीन ब्लॉक का निर्माण, रूद्रप्रयाग में 20.38 करोड़ की लागत से क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण, श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में 18.80 करोड़ की लागत से क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण एवं हल्द्वानी (नैनीताल) में 19.48 करोड़ की लागत से क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण कार्य शामिल है। मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया जोशीमठ से वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

    केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि आज राज्य में 180 करोड़ से अधिक कार्यों का शिलान्यास हुआ है। उत्तराखण्ड विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। यदि राज्य सरकार केन्द्र द्वारा दिये गये लक्ष्य को प्राप्त करती है, तो राज्य को धन की कोई कमी न हो, इसका हमारा प्रयास रहता है। उन्होंने कहा कि मैं कल से उत्तराखण्ड में हूं, नीति एवं मलारी गांव में भ्रमण के दौरान इन गांवों में जनता के साथ संवाद स्थापित करने का अवसर मिला। मलारी गांव के हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर की कम्यूनिटी हेथ ऑफिसर ने कहा कि यहां बड़े अस्पताल नहीं है, फिर भी यहां बड़े डॉक्टर की सुविधा मिलती है।

    राज्य सरकार ने प्रदेश में 02 हजार हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर स्थापित किये हैं। इन सेंटर में दक्ष कम्यूनिटी हेथ ऑफिसर होते हैं। गांवों से मरीज जब यहां आते हैं, तो भारत सरकार के ई संजीवनी प्लेटफार्म के द्वारा हम टेलीकन्सल्टेंट से डिस्ट्रिक के हॉस्पिटल से जुड़ जाते हैं। जब मरीज के चेकअप की आवश्यकता लगती है तो उसे कहीं और भेजने के बजाय ई संजीवनी के माध्यम से सीनियर डॉक्टर्स या एक्सपर्ट से टेलीकन्सल्टेंट करते हैं। स्पेशलिस्ट डॉक्टर मरीज से भी बात करते हैं। मरीज के ईलाज के लिए एक्सपर्ट डॉक्टर से जो भी निर्देशन मिलता है, इसके हिसाब से हम इलाज करते हैं।

    केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि गांव में काम करने वाले किसान एवं गरीब लोग जब ईलाज के लिए हेल्थ और वेलनेस सेंटर में जाते हैं, स्पेशलिस्ट डॉक्टर की सलाह उनको मिल जाती है, तो उन्हें जिला अस्पताल या अन्य अस्पतालों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। यह व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित करने के लिए उन्होंने राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।
    केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि देश में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में और उत्तराखण्ड में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश का हेल्थ सेक्टर बदल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने कहा कि हम अमृत काल में देश को विकसित राष्ट्र बनायेंगे। इसके लिए हमारी प्राथमिकता है कि देश के नागरिक स्वस्थ रहें। स्वस्थ समाज ही समृद्ध राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। देश के हेल्थ सेक्टर को पहली बार विकास के साथ मोदी जी ने जोड़ा। स्वास्थ्य के क्षेत्र में हर सेक्टर में होलिस्टिक एप्रोच के साथ कार्य किये जा रहे हैं। 2014 से अब तक स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश में तेजी से सुधार हुआ है। उत्तराखण्ड में होलिस्टिक हेल्थ कवरेज के लिए राज्य को एम्स के साथ ही एम्स का सेटेलाइट सेंटर भी दिया गया है। देश में 1 लाख 56 हजार हेल्थ एवं वेलनेस सेंटरों में आज मुफ्त इलाज हो रहा है। देश में टर्सरी हेल्थ केयर, सेकेण्डरी हेल्थ केयर एवं प्रायमरी हेल्थ केयर को सुनिश्चित करने के लिए हेल्थ इन्फ्रास्टक्चर खड़ा करने की आवश्यकता होती है। इसके लिए देश में आयुष्मान भारत हेल्थ इन्फ्रास्टक्चर मिशन चलाया जाता है। देश में क्रिटिकल हेल्थ केयर के लिए 64 हजार करोड़ रूपये 05 साल में खर्च किये जायेंगे। 01 जनपद में औसतन 100 करोड़ रूपये हेल्थ इन्फ्रास्टक्चर के लिए खर्च किया जा रहा है। भारत में ब्रेन पॉवर एवं मेन पॉवर की कभी कमी नहीं थी। भारत सामर्थ्यवान देश है, सवाल था देश के नागरिक को अवसर देने का, जब अब देश के नागरिक को अवसर मिल रहा है, तो नतीजा हमेशा बेहतर होता है।

    केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि चार दिन पूर्व वाराणसी में विश्व के 40 देशों के प्रतिनिधि टी.बी समिट के लिए आये थे। यूनाइटेड नेशन ने स्टॉप टी.बी अभियान चलाया है। विभिन्न देशों से आये प्रतिनिधियों को हम हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर में ले गये। जिसमें कई देशों के स्वास्थ्य मंत्री भी थे। इन सेंटरों में हमारी आशा बहने, ए.एन.एम., डॉक्टर्स, टी.बी. के मरीज और निक्षय मित्र उनसे संवाद कर रहे थे, तो उन्होने विदेशी प्रतिनिधियों को हेल्थ सिस्टम से संबंधित अनेक जानकारियां दी। केन्द्र सरकार ने सभी जन प्रतिनिधियों, सामाजिक संस्थाओं एवं अधिकारियों को क्षय रोगियों को गोद लेने का आह्वान किया है। इसमें सबका पूरा सहयोग मिला। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि उत्तराखण्ड में जितने भी टी.बी. के मरीज हैं, उनको किसी न किसी ने गोद लिया है। उन्होंने कहा कि मुझे पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली उत्तराखण्ड सरकार पर भरोसा है कि उत्तराखण्ड देश का पहला ऐसा राज्य बने जो सबसे पहले टी.बी मुक्त हो। प्रधानमंत्री जी की उपस्थिति में हमें घोषणा करने का अवसर मिले कि उत्तराखण्ड पहला राज्य बना है, जो टी.बी. मुक्त हो गया। उन्होंने कहा कि जो कार्य राज्य सरकार ने आज हाथ में लिया है, इस पर कार्य तेज गति से हां। इसके लिए केन्द्र सरकार द्वारा पूरी मदद दी जायेगी। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि देश की जनता की आस्था से जुड़े चारधाम यात्रा के लिए राज्य सरकार अच्छा कार्य कर रही है। आगामी चारधाम यात्रा के लिए राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में जो अपेक्षा रखी गई है, हेल्थ सेक्टर में चारधाम के लिए राज्य को उनकी अपेक्षा से भी अधिक सहयोग मिलेगा।

    केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि देश के सामर्थ्य से हमने कोविड क्राइसिस से लड़ाई की। हम वसुधैव कुटुम्बकम् की अवधारणा को मानने वाले लोग हैं। हम केवल अपने बारे में नहीं सोचते, सम्पूर्ण विश्व के बारे में सोचते हैं। स्वास्थ्य हमारे लिए बिजनेस नहीं है, सेवा है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान प्रधानमंत्री जी ने कहा था कि हमारा दायित्व है कि हम दुनिया की मदद करें। उस वक्त भारत ने दुनिया के 150 देशों को दवाई उपलब्ध कराई। 78 देशों को कोविड वैक्सीन उपलब्ध कराई है। हम संस्कार के वाहक हैं। हमारे देश के साथ दुनिया का भी भला हो हम ये भी सोचते हैं। भारत में दुनिया से सबसे अच्छे कोविड मैनेजमेंट का उदाहरण प्रस्तुत किया।

    मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड के लिए 182 करोड़ रुपए से अधिक की चार परियोजनाओं का शिलान्यास कर स्वास्थ्य के क्षेत्र में इतनी बड़ी सौगात देने के लिए केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. मनसुख मांडविया का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर जीवन का मुख्य ध्येय होना चाहिए यह हमारी संस्कृति मानती है। सबसे पहले शरीर का ध्यान रखें तभी कोई कार्य ठीक से होगा। इसी मूलमंत्र को ध्यान में रखकर सरकार ने राज्य में जन-स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाने पर अपना ध्यान केंद्रित किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और दिशा निर्देशन में अन्य क्षेत्रों की भांति स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी देश निरंतर आगे बढ़ रहा है। आज विकास का ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है जिसको प्रधानमंत्री जी द्वारा शुरू की गई योजनाओं से लाभ न मिल पाया हो। कोरोना काल में जहां एक ओर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना ने करोड़ो लोगों के दो वक्त का भोजन सुनिश्चित किया वहीं आयुष्मान भारत योजना ने देश के नागरिकों को यह भरोसा दिलाया कि बीमार होने पर उन्हें निःशुल्क उपचार अवश्य मिलेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में प्रदेश में चार मोर्चों पर काम करने के लिए सरकार रणनीति बना रही है। पहला मोर्चा है, बीमारियों को रोकने के लिए जन-जागरुकता का। दूसरा मोर्चा है, गरीबों को सस्ता और प्रभावी इलाज देने का है। तीसरा मोर्चा है, हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर और हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स की क्वान्टिटी और क्वालिटी में बढ़ोतरी करना। चौथा मोर्चा है, समस्याओं से पार पाने के लिए मिशन मोड पर काम करना। केंद्र सरकार द्वारा बच्चों के संपूर्ण वेक्सिनेशन के लिए प्रारंभ की गई मिशन इंद्रधनुष योजना, आयुष्मान भारत योजना और प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र जैसी योजनाओं का विस्तार प्रदेश के दूर-दराज के इलाकों तक करने का प्रयास किया गया है। आज पूरे विश्व में भारत के हेल्थ सेक्टर की प्रतिष्ठा और भारत के हेल्थ सेक्टर के प्रति भरोसा, एक नए स्तर पर पहुंच गया है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व वाली सरकार स्वास्थ्य समस्याओं को टुकड़ों के बजाय समग्र रूप से देखती है, इसलिए हमने भी प्रदेश में सिर्फ इलाज ही नहीं बल्कि वेलनेस पर भी फोकस करना शुरु किया है। इसका ही परिणाम रहा कि कोरोना काल में आयुष से जुड़े हमारे नेटवर्क ने बेहतरीन काम किया। ह्यूमन रिसर्च से लेकर इम्यूनिटी और साइंटिफिक रिसर्च तक हमारे आयुष नेटवर्क का इंफ्रास्ट्रक्चर देश के बहुत काम आया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की दवाओं और वैक्सीन के साथ-साथ हमारे मसालों और हमारे काढ़े का भी वेलनेस के क्षेत्र में कितना बड़ा योगदान है, ये दुनिया ने कोरोना काल में अनुभव किया। योग,प्राणायाम,आयुर्वेद सहित भारत के जड़ी बूटी ज्ञान ने विश्व को चमत्कृत किया। इसलिए राज्य सरकार ने प्रदेश में योग व आयुर्वेद को बढ़ावा देने के साथ – साथ “मेडिसनल प्लांट“ की खेती पर भी ध्यान दिया है। हमारे देश में दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना ‘आयुष्मान भारत’ चलाई जा रही है। राज्य सरकार ने प्रदेश में स्वास्थ के क्षेत्र में “निःशुल्क जांच योजना“ जैसी एक प्रमुख योजना भी प्रारम्भ की है, जिसके तहत मरीजों को 207 प्रकार की पैथेलॉजिकल जांचों की निशुल्क सुविधा मिल रही है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में “किफायती स्वास्थ्य सेवा“ पर ध्यान केंद्रित करने से वंचित तथा मध्यम वर्ग को काफी लाभ होता है।

    स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में पिछले 5 सालों में जितने काम हो सकते थे उनको धरातल पर उतारने का काम किया गया है। आगे भी हम उत्तराखंड में स्वास्थ्य के क्षेत्र में और अच्छा क्या हो सकता है, इसके लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार से राज्य को 01 लाख 24 हजार लोगों से ब्लड डोनेशन कराने का लक्ष्य दिया गया था। राज्य में एक लाख 01 लाख 67 हजार लोगों ने ब्लड डोनेशन किया है। उत्तराखंड भारत का पहला राज्य है जिसने सबसे ज्यादा ब्लड डोनेशन किया है और ई रक्तकोश में 80 हजार लोग अभी तक रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं। देश में आयुष्मान भारत योजना लॉन्च हुई तो हमारे राज्य में अटल आयुष्मान योजना लॉन्च की गई। राज्य में अभी तक 50 लाख 24 हजार अटल आयुषमन कार्ड बनाये जा चुके हैं। 07 लाख से ज्यादा लोगों का इस योजना के तहत ईलाज हो चुका है, जिसमें 13 सौ करोड़ से अधिक खर्चा हो चुका है। अब राज्य में किडनी ट्रांसप्लांट भी आयुष्मान कार्ड में कवर कर दिया है। प्रदेश में 91 प्रतिशत संस्थागत डिलीवरी हो रही है। प्रदेश में सरकार ने ईजा बोई योजना शुरू की है। जिसमें गर्भवती महिलाओं को 2000 रूपये पौष्टिक आहार के लिए दिया जाएगा। राज्य में 32 लाख लोगों की आभा आईडी बनकर तैयार हो चुकी है।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, सांसद श्रीमती माला राज्यलक्ष्मी शाह, राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, विधायक श्री खजान दास, श्री विनोद चमोली, श्री प्रदीप बत्रा, श्रीमती सरिता आर्य, श्रीमती रेनू बिष्ट, मेयर श्री सुनील उनियाल गामा, संयुक्त सचिव स्वास्थ्य, भारत सरकार श्री विशाल चौहान, सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

  • सूचना देने वाले को मिलेगा 50 हजार का पुरस्कार- जिलाधिकारी।

    सूचना देने वाले को मिलेगा 50 हजार का पुरस्कार- जिलाधिकारी।

    सूचना देने वाले को मिलेगा 50 हजार का पुरस्कार।


    देहरादून दिनांक 27 मार्च 2023, जिलाधिकारी/ जिला समुचित प्राधिकारी पीसीपीएनडीटी श्रीमती सोनिका की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार कलेक्टेट में पीसीपीएनडीटी- जिला सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रसव पूर्व भूर्ण का लिंग उजागर करने वाले अल्ट्रासाउण्ड केन्द्र तथा जांच कराने वाले लोगों का प्रमाण सहित सूचना देने वालों को 50 हजार का ईनाम दिया जाएगा तथा उनकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी। इसकी सूचना आपदा कन्ट्रोलरूम के नम्बर 01352626066 पर देने को कहा। उन्होंने समिति के सदस्यों को निरन्तर छापेमारी अभियान चलाने के कड़े निर्देश दिए।
    जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद में संचालित अल्ट्रासाउण्ड केन्द्र का नियमित निरीक्षण के साथ ही समय-समय पर औचक निरीक्षण किया जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि आशा कार्यकर्तियों के माध्यम से क्षेत्र में गर्भधात्री महिलाओं की का विवरण के साथ प्रसव के उपरान्त आंकड़े आशा पोर्टल पर अद्यतन करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्देशित किया कि जो प्रसव घर पर हो रहे हैं उनके अद्यतन आंकड़े एकत्रित कर आशा पोर्टल में दर्ज करेंगे। उन्होंने निर्देशित किया कि गर्भाधान पूर्व एवं प्रसव पूर्व निधान तकनीक का दुरूपयोग न हो इसके लिए समिति अपने स्तर पर भी गोपनीय सूचना एकित्रत करें तथा यदि कोई नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो उसे विरूद्ध अधिनियम के अन्तर्गत सख्त कार्यवाही की जाए। समिति द्वारा 4 केन्द्रो का नवीनीकरण, तीन नये केन्द्रो का पंजीकरण, 19 केन्द्रों पर स्थापित नई अल्ट्रासाउण्ड मशीन एवं सीटी स्कैप मशीन का पंजीकरण (फार्म बी) में दर्ज आवेदन पर निर्णय तथा 05 केन्द्रों पर अल्ट्रासाउण्ड मशीन को निष्प्रोज्य करने का निर्णय समिति द्वारा लिया गया।
    बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ संजय जैन, प्रमुख परामर्शदाता रेडियोलाॅजिस्ट डाॅ मनोज उप्रेती, डाॅ शालिनी डिमरी, संयुक्त निदेशक विधि जी.सी पंचैली, जिला शासकीय अधिवक्ता जे.पी रतूड़ी, डाॅ0 नीतू तोमर, डाॅ ममता बहुगुणा, समाज सेवी संस्था से सुश्री अर्चना ग्वाड़ी एवं श्रीमती अमिता भण्डारी गुंसाई सहित सम्बन्धित अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।

  • पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की लोक सभा सदस्यता समाप्त करना प्रतिशोध की राजनीति: यशपाल आर्य।

    पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की लोक सभा सदस्यता समाप्त करना प्रतिशोध की राजनीति: यशपाल आर्य।

    पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की लोक सभा सदस्यता समाप्त करना प्रतिशोध की राजनीति: यशपाल आर्य।

    उत्तराखंड, हल्द्वानी के बुद्धा पार्क में सत्याग्रह कर रहे कांग्रेसजनों को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि , पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की लोक सभा सदस्यता समाप्त करना प्रतिशोध की राजनीति है । उन्होंने कहा कि , वे लगातार कई सालों से केंद्र सरकार और उधोगपतियों के नापाक गठबंधन के विरुद्ध मुखर थे जिसकी कीमत उन्होंने लोक सभा की सदस्यता खो कर चुकाई।
    नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि , लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण तत्व अभिव्यक्ति की आजादी है। यदि सांसद के रूप में राहुल गांधी को संसद में बोलने नहीं दिया जाएगा । चुनावी जनसभाओं में दिए उनके भाषण के लिए उन्हें न्यायिक प्रक्रिया में जोड़- तोड़ कर दंडित किया गया है तो फिर जनता को ही तय करना है कि देश में लोकतंत्र कंहा बचा है।
    यशपाल आर्य ने कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि, कांग्रेस ने देश की आजादी की लड़ाई अंग्रेजों के जुल्मो-सितम सह कर भी लड़ी थी अब देश के प्रमुख विपक्षी दल होने के कारण उसके हर कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है कि देश के लोकतंत्र को बचाने के इस यज्ञ में अपने सर्वस्व कीआहुति दे।

  • कांग्रेस के संकल्प सत्याग्रह के बाद भाजपा के पतन की उल्टी गिनती शुरू : राजीव महर्षि

    कांग्रेस के संकल्प सत्याग्रह के बाद भाजपा के पतन की उल्टी गिनती शुरू : राजीव महर्षि

    कांग्रेस के संकल्प सत्याग्रह के बाद भाजपा के पतन की उल्टी गिनती शुरू।

     

    देहरादून, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि ने आज कहा कि पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए रविवार को संकल्प सत्याग्रह से देशभर में पार्टी मजबूत हुई है। यह सत्याग्रह नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ,प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा सहित पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ,पूर्व अध्यक्ष विधायक प्रीतम सिंह ,गणेश गोदियाल की अगुवाई में विभिन्न स्थानों पर हुआ। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का मुंह बन्द करने की कोशिश से देश उठ खड़ा हुआ है और इसके साथ ही भाजपा के पतन की उल्टी गिनती भी शुरू हो गई है। उत्तराखंड के कांग्रेसजनों के साथ जनता ने भी इसकी पटकथा लिख दी है।

    महर्षि ने कहा कि रविवार को पूरे देश की भांति कांग्रेस के साथ उत्तराखंड की जनता ने भी अपनी राय जाहिर कर सीधा संदेश दे दिया कि लोकतंत्र को कुचलने की छूट किसी को नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने सिर्फ सवाल ही तो पूछा था, उन्हें लोकसभा से बेदखल करने की भाजपाई जितना प्रसन्न हो जाएं, उनकी प्रसन्नता ज्यादा देर तक टिकने वाली नहीं है।
    महर्षि ने कहा कि सच यह है कि राहुल गांधी की बढ़ती लोकप्रियता को देख भाजपा डर गई है। इसी कारण वह भाजपा मनमानी पर उतर आई है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की सदस्यता रद्द कर भाजपा ने दिखा दिया है कि देश में लोकतंत्र नाम की कोई चीज शेष नहीं रह गई है। राहुल गांधी संसद में अपनी बात रखना चाहते वह गौतम अडानी पर स्पष्टता चाहते थे क्योंकि भाजपा आरोप लगा रही थी कि विदेशों में राहुल गांधी ने देश को नीचा दिखाया है लेकिन उनकी आवाज को दबाने के लिए लोकसभा सदस्यता रद्द करने का हथकंडा अपनाया गया जबकि अदालत ने खुद उन्हें तीस दिन की मोहलत दी थी। उन्होंने कहा की राहुल गांधी ने कोई ऐसा काम नहीं किया जिससे इतनी जल्दी उसकी सदस्यता रद्द कर दी जाए।
    महर्षि ने कहा कि आज देश में महंगाई चरम सीमा पर है लेकिन सरकार का ध्यान उसकी तरफ नहीं है। सिर्फ राहुल गांधी को टारगेट बनाया जा रहा है, क्योंकि आने वाले 2024 के चुनाव में राहुल गांधी की बढ़ती लोकप्रियता से भाजपा को सिंहासन छिन जाने का खतरा महसूस होने लगा था। उन्होंने कहा कि आज के संकल्प सत्याग्रह से यह सिद्ध हो गया है कि कांग्रेस नए सिरे से संघर्ष कर अहंकारी और जनविरोधी भाजपा को उखाड़ फेंक डालेगी। जनता के मुद्दों को उठाने के लिए कांग्रेस पार्टी प्रतिबद्ध है।

  • चारधाम यात्रा के दृष्टिगत 50 हेल्थ ए.टी.एम. गढ़वाल मण्डल के लिए चिन्हित चिकित्सा इकाईयों में स्वास्थ्य स्क्रीनिंग हेतु अनुबन्ध हस्ताक्षरित किया गया।

    चारधाम यात्रा के दृष्टिगत 50 हेल्थ ए.टी.एम. गढ़वाल मण्डल के लिए चिन्हित चिकित्सा इकाईयों में स्वास्थ्य स्क्रीनिंग हेतु अनुबन्ध हस्ताक्षरित किया गया।

    चारधाम यात्रा के दृष्टिगत 50 हेल्थ ए.टी.एम. गढ़वाल मण्डल के लिए चिन्हित चिकित्सा इकाईयों में स्वास्थ्य स्क्रीनिंग हेतु अनुबन्ध हस्ताक्षरित किया गया।

    मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में शनिवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में आगामी चारधाम यात्रा के दृष्टिगत महानिदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं निदेशक कार्पोरेट अफेयर एण्ड सी.एस.आर. हेवलेट पैकर्ड एंटरप्राइज (H.P.E) के मध्य 50 हेल्थ ए.टी.एम. को गढ़वाल मण्डल के चिन्हित चिकित्सा इकाईयों में स्वास्थ्य स्क्रीनिंग हेतु अनुबन्ध हस्ताक्षरित किया गया।

    मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा में हेल्थ ए.टी.एम. की सुविधा होने से श्रद्धालुओं को काफी सुविधा होगी। चारधाम यात्रा मार्ग पर चिकित्सा सुविधाओं के सुदृढीकरण के लिए यह एक अच्छा कदम होगा। मुख्यमंत्री ने मानस खण्ड स्थित पवित्र स्थानों मानसरोवर यात्रा, बैजनाथ धाम, कैंची धाम, पूर्णागिरी, चितई धाम के लिए भी हेवलेट पैकर्ड एंटरप्राइज हेल्थ ए.टी.एम. सुविधा प्रदान करने की अपेक्षा की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि केदारखण्ड की तर्ज पर मानस खण्ड हेतु भी सी.एस.आर. के अन्तर्गत ये सेवायें हेवलेट पैकर्ड एंटरप्राइज जनहित में प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां न हो, इसके लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को लगातार बेहतर बनाया जा रहा है।

    हेवलेट पैकर्ड एंटरप्राइज के निदेशक श्री अंकुर मल्होत्रा ने कहा कि सी.एस.आर. के अन्तर्गत उपलब्ध कराये जा रहे हेल्थ ए.टी.एम. द्वारा 70 से अधिक परीक्षण किये जा सकेंगे एवं टेली मेडिसिन सेवायें भी प्रदत्त की जायेंगी। हेवलेट पैकर्ड एंटरप्राइज के द्वारा 24 घण्टे ये सेवायें प्रदान की जायेंगी। सभी उपकरण स्थापित होने से आगामी 03 माह तक हेवलेट पैकर्ड एंटरप्राइज के इंजीनियरों द्वारा हेल्थ ए.टी.एम. की देखरेख की जायेगी। अद्यतन हेल्थ ए.टी.एम. हेतु 01 वर्षीय सी.एम.सी. सेवायें भी हेवलेट पैकर्ड एंटरप्राइज द्वारा प्रदान की जायेंगी। हेल्थ ए.टी.एम. का शुभारम्भ 24 अप्रैल 2023 को मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया जाना प्रस्तावित है।

    इस अवसर पर सचिव श्री शैलेश बगोली, डा.आर.राजेश कुमार, अपर सचिव श्रीमती अमनदीप कौर, महानिदेशक स्वास्थ्य डा. विनीता शाह, निदेशक स्वास्थ्य डा. सुनीता टम्टा, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डा. आशुतोष सयाना, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. संजय जैन, संयुक्त सचिव श्री महावीर सिंह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रतिनिधि डा. अजय नागरकर, हेवलेट पैकर्ड एंटरप्राइज के कार्पोरेट अफेयर हेड श्री सुशील भाट्ला, सीनियर प्रोग्राम मैनेजर श्री ईशान अग्रवाल, सी.एस.आर. एवं श्री विवेक अग्रवाल उपस्थित थे।

  • उत्तराखंड सरकार का एक साल का कार्यकाल पूर्ण। मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेशहित में की 16 महत्वपूर्ण घोषणाएं।

    उत्तराखंड सरकार का एक साल का कार्यकाल पूर्ण। मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेशहित में की 16 महत्वपूर्ण घोषणाएं।

    धामी सरकार का एक साल का कार्यकाल पूर्ण। मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेशहित में की 16 महत्वपूर्ण घोषणाएं।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने 1 साल के कार्यकाल को ऐतिहासिक बताते हुए प्रदेशवासियों को एक संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें प्रदेश की सम्मानित जनता का आशीर्वाद और भरपूर स्नेह मिला है। इसके लिए माताओं, बहनों, बुजुर्गों और युवा साथियों का बहुत आभार व्यक्त करता हूं। प्रदेश के इतिहास में ये पहली बार था की किसी सरकार को दुबारा जनता ने अपना आशीर्वाद दिया हो। मैं विश्वास दिलाता हूं कि आमजन ने जो विश्वास और भरोसा हम पर जताया है, उस पर हमारी सरकार खरा उतरने का पूरा प्रयास करेगी।प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड को वर्ष 2025 तक हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए हम संकल्पबद्ध हैं।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर उत्तराखण्ड राज्य निर्माण के सभी अमर शहीदों और राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि स्वर्गीय अटल ने उत्तराखण्ड बनाया था ,तो देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी इसे संवारने का काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री जी का उत्तराखण्ड से विशेष लगाव किसी से छुपा नहीं है। उनके मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड तेजी से विकास की ओर अग्रसर हो रहा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज भारत की शक्ति और सामर्थ्य को पूरे विश्व ने पहचाना है, माना है। यह भारत की बढ़ती शक्ति का परिणाम है कि भारत को G20 की अध्यक्षता मिली है। बड़ी प्रसन्नता की बात है कि उत्तराखण्ड में भी G 20 की तीन बैठकें आयोजित की जा रही हैं।
    हमारी सरकार युवाओं के लिए समर्पित सरकार है। हमने भर्ती माफिया के खिलाफ सख्त कार्यवाही की है। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली करने वाले 80 से ज्यादा लोगों को जेल में डाला है। हमारे युवाओं के साथ कोई धोखा करने की सोचे भी नहीं, इसके लिये हमने देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून लागू किया है। पूरी पारदर्शिता और समयबद्धता से परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। तीन परीक्षाओं का सफलतापूर्वक आयोजन किया जा चुका है। अन्य परीक्षाओं का आयोजन जारी कैलेण्डर के अनुसार किया जा रहा है।

    हमने चुनावों से पहले समान नागरिक संहिता का वायदा किया था और जनता जनार्दन से हमें भरपूर आशीर्वाद भी मिला। समान नागरिक संहिता के लिये गठित समिति जनप्रतिनिधियों, विभिन्न संगठनों, संस्थाओं, आमजन आदि से सुझाव लेकर ड्राफ्ट तैयार कर रही है।

    जबरन या प्रलोभन से धर्म परिवर्तन पर रोक लगाने के लिये हमारी सरकार ने उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता(संशोधन) विधेयक पारित किया है। इसके मायने यह हुए कि प्रदेश में अब मतांतरण कराने वालों पर रोक लगेगी।

    हमारे प्रदेश की बहनें बहुत ही कठिन परिस्थितियों में काम करती हैं। हमने प्रदेश में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था कानून बना कर एक बार लागू की है।

    पिछले वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रदेश के लिए स्वीकृत हुई हैं।
    प्रधानमंत्री जी स्वयं केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण कार्यों तथा बदरीनाथ धाम के विकास कार्यों का अनुश्रवण कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने गौरीकुण्ड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुण्ट साहिब रोपवे का शिलान्यास किया है।
    प्रधानमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में मल्टी मॉडल कनेक्टीवीटी पर अभूतपूर्व काम हुआ है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जो कहती है वो करती है। हमने जनता से जो भी वायदे किये हैं, उन्हें अवश्य पूरा करेंगे। हमने समान नागरिक संहिता की दिशा में मजबूत पहल की है। राज्य के अन्त्योदय परिवारों को वर्ष में 3 गैस रीफिल निशुल्क दी जा रही है।

    स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की शुरूआत करने में उत्तराखण्ड देश के अग्रणी राज्यों में है। राज्य में खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए नई खेल नीति लाई गई है।

    उद्योगों को आकर्षित करने के लिये लघु एवं सूक्ष्म उद्योग विभाग ने कस्टमाइज पैकेज की नीति तैयार की है। नई स्टार्ट अप नीति भी तैयार की गई है। एम.एस.एम.ई के तहत निजी क्षेत्र में औद्योगिक संस्थानों की स्थापना की जाएगी।
    उद्योग अनुकूल नीतियों और प्रभावी सिंगल विंडो सिस्टम से निवेशक राज्य में आए हैं।

    हमने राज्य में निशुल्क जांच योजना प्रारम्भ की है। इसके तहत मरीजों को 207 प्रकार की पैथेलॉजिकल जांचों की निशुल्क सुविधा मिल रही है।
    आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना में प्रदेश के सभी परिवारों को 5 लाख रूपये वार्षिक तक के निशुल्क ईलाज की सुविधा दी जा रही है। टेली मेडिसिन के लिए 400 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को 04 मेडिकल कॉलेज से जोड़ा गया है।उधमसिंहनगर जिले में एम्स का सैटेलाईट सेंटर बनने से एक बड़ी आबादी को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा मिलेगी।
    माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक पुनर्जागरण का यज्ञ चल रहा है। उत्तराखण्ड का भी इस यज्ञ में महत्वपूर्ण योगदान है। श्री केदारपुरी का पुनर्निर्माण, श्री बदरीनाथ धाम के पुनर्विकास की योजना आदरणीय प्रधानमंत्री जी के विजन, नेतृत्व एवं संकल्प का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। गौरीकुण्ड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुण्ट साहिब रोपवे का शिलान्यास माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा किया गया। सिद्धपीठ सुरकंडा देवी मंदिर रोपवे शुरू किया जा चुका है।
    पिछले वर्ष 45 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चारधाम के दर्शन किये। कोविड से पूर्व वर्ष की तुलना में 35 प्रतिशत अधिक यात्री यहां आए। कुशल प्रबंधन से कांवड़ यात्रा भी निर्विघ्न सम्पन्न हुई। करोड़ों कांव़ड़ यात्री गंगा जल लेकर गये।

    सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की दिशा में आगे बढ़ते हुए केदारनाथ धाम और बदरीनाथ धाम की तर्ज पर कुमाऊ के पौराणिक और प्राचीन मंदिरों के विकास के लिय हम मानसखण्ड मंदिर माला मिशन पर काम कर रहे हैं।
    हम आकर्षक नई पर्यटन नीति लेकर आए हैं। इसमें स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए 100 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान किया है। हमारी 06 एरोमा वैली विकसित किये जाने की योजना है। मिशन एप्पल और मिशन किवी के साथ ही मिशन दालचीनी, मिशन तिमरु प्रारंभ करने का निर्णय किया है।

    माननीय प्रधानमंत्री जी के विशेष प्रयासों से वर्ष 2023 को International Year of Millets के रूप में मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी के विजन से भारत के पोष्टिक मोटे अनाजों को विश्व स्तरीय पहचान मिल रही है। हम भी अपने प्रदेश में मंडुवा, झंगोरा आदि स्थानीय मोटे अनाजों को बढ़ावा दे रहे हैं। स्टेट मिलेट मिशन को मंजूरी दी गई है। किसानों से 3578 रूपये प्रति क्विंटल मंडुवा खरीदा जा रहा है और राशन कार्ड धारक को 1 किलो पोष्टिक मंडुवा उपलब्ध कराया जा रहा है।
    अपनी माताओं और बहनों के सशक्तिकरण के लिये हमने ‘मुख्यमंत्री लखपति दीदी योजना’ की शुरूआत की। इसके तहत हमने वर्ष 2025 तक महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 1.25 लाख बहनों को लखपति बनाने का लक्ष्य रखा है।

    इकोलॉजी और इकोनॉमी में संतुलन के लिए इस बार बजट में हमने कुल पूंजीगत परिव्यय का 0.5 प्रतिशत जलवायु परिवर्तन शमन के लिए प्रावधान किया है। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में हमारे द्वारा ये पहल की गई है।हमने राज्य आंदोलनकारियों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का निर्णय लिया है।
    इस वर्ष हमें जोशीमठ भू धंसाव जैसी प्राकृतिक आपदा का सामना करना पड़ा। लेकिन स्थानीय लोगों के सहयोग से सरकार द्वारा कुशल प्रबंधन तथा त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों को सुनिश्चित करते हुए किसी प्रकार की जीवन हानि नहीं होने दी गई। इस कार्य में केंद्र सरकार का भी पूरा सहयोग राज्य सरकार को मिला। प्रभावितों को सही समय पर राहत शिविरों में विस्थापित किया गया। राज्य सरकार तथा प्रशासन विस्थापितों के साथ हर कदम में साथ खड़ा रहा। मुआवजा वितरण का कार्य निरंतर जारी है। इस बजट में हमने 1000 करोड़ का प्रावधान किया है।
    हमारी सरकार प्रदेश के युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए जहां एक ओर पर्यटन नीति,सौर ऊर्जा नीति लेकर आयी है, वही दुसरी और होम स्टे को बढ़ावा के साथ उद्यान,कृषि जैसे क्षेत्रों को प्रमुखता दे रही है।
    वर्ष 2025 उत्तराखण्ड को को देश का नम्बर एक राज्य बनाने के लिये हम विकल्प रहित संकल्प के साथ काम कर रहे हैं। हम विश्वास के साथ कह सकते हैं कि हम समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड का निर्माण करेंगें।

  • डी.डब्लू.टी. (DWT) कॉलेज,देहरादून में आयोजित हुआ पुरातन छात्र सम्मेलन।

    डी.डब्लू.टी. (DWT) कॉलेज,देहरादून में आयोजित हुआ पुरातन छात्र सम्मेलन।

    डी.डब्लू.टी. (DWT) कॉलेज,देहरादून में आयोजित हुआ पुरातन छात्र सम्मेलन।

     

    दयानंद वूमेन ट्रेनिंग (DWT) कॉलेज, देहरादून में रविवार को पुरातन छात्रा मिलन समारोह का आयोजन किया गया जिसमें 3rd सेमेस्टर की fete & fair भी हुई। इसमें पूर्व छात्राओं ने कॉलेज के दिनों के अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की आराधना उत्तराखंड के पारंपरिक मंगल गीतों के साथ हुआ।

    कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ वीणा शर्मा वह अति विशिष्ट अतिथि डॉ दलजीत कौर सिंह रही,जो इसी महाविद्यालय की पुरातन छात्रा भी रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर आरती दीक्षित प्राचार्य (डीडब्लूटी कॉलेज देहरादून) ने की। सम्मेलन में आए हुए सभी अतिथियों ने इस आयोजन के लिए शुभकामनाएं दी तथा कहा कि सभी पूर्व छात्राएं संगठित होकर कॉलेज के विकास हेतु हर संभव योगदान देंगे। इस अवसर पर महाविद्यालय की छात्राओं ने गढ़वाली लोक नृत्य व पंजाबी लोक नृत्य द्वारा कार्यक्रम का समा बांधा।इसके पश्चात कार्यक्रम में सभी पूर्व छात्राओं ने अपना एक सूक्ष्म परिचय देते हुए आयोजन मंडल का आभार जताया व कहा कि आज उन्होंने फिर से महाविद्यालय में बिताए गए सुनहरे पलों को एक बार से जीवंत किया साथ ही कॉलेज संबंधित विचारणीय मुद्दों पर भी मंथन किया।

    कार्यक्रम के अंत में एलुमनाई एसोसिएशन की सचिव डॉ शोभा ने आए हुए सभी अतिथियों का धन्यवाद और भविष्य में फिर से मिलने का वादा किया और महाविद्यालय के उज्जवल भविष्य के लिए सभी से सहयोग की अपेक्षा की कार्यक्रम का संचालन डॉ रितु डंगवाल ने किया कार्यक्रम में डॉ सुहासिनी श्रीवास्तव डॉ विनीता चौधरी डॉ अर्चना सिंह, डॉक्टर चेतना थापा, रुपाली बेल श्रीमति मंजू जोशी आदि उपस्थित रहे।

  • गैरसैंण विधानसभा सत्र के दौरान राज्य की नौकरशाही के सामने नतमस्तक दिखी सरकार : नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य।

    गैरसैंण विधानसभा सत्र के दौरान राज्य की नौकरशाही के सामने नतमस्तक दिखी सरकार : नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य।

    गैरसैंण विधानसभा सत्र के दौरान राज्य की नौकरशाही के सामने नतमस्तक दिखी सरकार : नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य।

    नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि , गैरसैंण में आहूत बजट सत्र में कांग्रेस विधानमडंल दल ने उपलब्ध कम समय में विधानसभा के माध्यम से जनता के हर प्रश्न को उठाने की कोशिश की परंतु सरकार हर मामले में असंवेदनशील व अनुभवहीन सिद्ध हुई और राज्य की नौकरशाही के सामने नतमस्तक दिखी। कांग्रेस विधानमंडल दल ने प्रश्न काल, कार्य स्थगन, बजट पर सामान्य चर्चा और अन्य स्वीकृृत नियमों के अन्र्तगत बेरोजगारों के उत्पीड़न, नकल माफिया, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, जोशीमठ सहित प्रदेश के अन्य स्थानों की आपदा, प्रदेश भर के भूमिधरी आदि मामलों को उठाया और इन सभी मामलों में सरकार विपक्ष के प्रश्नों का सीधा जबाब देने से भागती रही। बजट सत्र के स्थगित होने केे बाद नेता प्रतिपक्ष ने कांग्रेस विधायकों के साथ देहरादून के विधानसभा भवन में प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि, सत्र की अवधि कम होने के कारण उद्यान सहित कई अन्य विभागों के घोटालों और जनता से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवालों से संबधित प्रश्नों पर चर्चा नहीं हो पायी। उन्होंने आरोप लगाया कि, ‘‘ गैरसैंण सत्र में सरकार के गलत जबाबों, उसकी संवादहीनता, असंवेदनशीलता और हठधर्मिता के कारण कई संसदीय परम्पराऐं भी तार-तार हुई हैं।’’
    नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि, इस बार राज्य की जनता को आशा थी कि, सत्र लंबा चलेगा लेकिन सरकार ने पूर्व में घोषित अवधि से दो दिन पहले सत्र ही सत्र को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर यह सिद्ध कर दिया कि, राज्य के सर्वोच्च सदन विधायिका के द्वारा राज्य की जनता के बड़े प्रश्नों को हल करने में उसकी कोई रुचि नहीं है।
    उन्होंने कहा कि, राज्य आंदोलनकारियों के लिए क्षैतिज आरक्षण के बिल को गैरसैंण में कैबिनेट से विधानसभा में रखने हेतु स्वीकृृति दिलवाने के बाद भी सरकार ने विधानसभा के पटल पर नहीं रखा न ही कांग्रेस की मा0 विधायक अनुपमा रावत के इस विषय पर प्राइवेट मेम्बर बिल को सदन में आने दिया। इस राज्य के इससे बड़ा मजाक क्या होगा कि, उसके निर्माण के लिए संघर्ष करने वाले राज्य आंदोलनकारियों के साथ सरकार इतना बड़ा मजाक करती है।
    नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि, राज्य के सैकड़ो ऐसे विषय हैं जो बिल लाकर कानून बनने की बाट जोह रहे हैं और इसके बाबजूद भी सरकार विधानसभा का सत्र चलाने के लिए बिजनेस न होने के बात कर रही हो तो यह सिद्ध हो जाता है कि, भाजपा को केन्द्र की संसद से लेकर राज्य की विधानसभाओं तक संसदीय प्रणाली के शासन को चलाने में कोई रुचि नहीं है।
    नेता प्रतिपक्ष ने 2023-24 के बजट को अक्षम सरकार द्वारा पेश किया गया दिशाहीन बजट बताया। उन्होंने कहा कि ,इस बजट दिशाहीन , संकल्पविहीन , प्रतिगामी, विकास अवरोधी तथा आम आदमी के हितों के खिलाफ महंगाई बढ़ाने वाला बजट कहा जाय तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। आम बजट में मात्र कोरी घोषणाओं का अंबार लगाया गया है परन्तु उन्हें पूरा करने के लिए पैसा कहां से आयेगा इसका कोई उल्लेख नही है। यदि इसे ‘‘कर्ज लेकर घी पीने वाला’’ बजट कहा जाय तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।
    नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि, सरकार ने बजट में इस वित्तीय वर्ष मंे 19 हजार 460 करोड़ रुपए का ऋण लेने का अनुमान लगाया है। 2017 में भाजपा सरकार आने के बाद यदि सात सालों में लिए सरकार द्वारा लिए गए कर्ज को जोड़ा जाय तो यह 99 हजार 749 करोड़ रुपया होता है। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए बताया कि, राज्य बनने के बाद 17 सालों में सभी सरकारों ने 2017 तक केवल 35 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया गया था और 2017 के बाद भाजपा सरकारों के 7 सालों में लगभग 1 लाख करोड़ रुपए का कर्ज लिया गया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि, सरकार ने सदन में विपक्ष के इस प्रश्न का जबाब भी नहीं दिया कि, वह सदन के माध्यम से राज्य की जनता को बताऐ कि, आज के दिन राज्य पर कितना कर्ज है ? नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि, आंकडें गवाह हैं कि, 22 सालों में लिए गए कर्ज में से कुछ कर्ज वापसी और ब्याज अदायगी के बाद भी राज्य पर आज लगभग एक लाख 20 करोड़ से अधिक कर्जा निकलेगा।
    नेता प्रतिपक्ष ने पत्रकारों को बताया कि , राज्य का इस साल का बजट केवल 77 हजार 407 करोड़ का है और राज्य पर कर्ज उससे कही अधिक 1 लाख 20 हजार करोड़ रुपए के लगभग का है तो आप सभी राज्य की आर्थिक स्थिति को समझ सकते हैं।
    उन्होंने कहा कि ,हमने आंकड़ो के साथ सरकार से पूछा कि, इतना कर्ज क्यों लिया जा रहा है या 7 साल में लिए एक लाख रुपए के कर्ज से राज्य में क्या उत्पादकता हुई ? कितने नए रोजगारों का सृृजन हुआ ? कौन सी जनकल्याणकारी योजना चलाई ? तो सरकार ने इन प्रश्नों का कोई जबाब नहीं दिया।
    नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ,कोरी घोषणाओं व जुमलेबाजी के इस बजट में वित्तीय प्रबन्धन का नितांत अभाव है इसलिए उत्तराखण्ड राज्य पर कर्ज उसके सालाना बजट के आकार से कही अधिक हो गया है। कर्ज और देनदारी को कुल सकल घरेलू उत्पाद याने जी0एस0डी0पी0 का 25 प्रतिशत तक रखने की राजकोषीय उत्तरदायित्व एंव बजट प्रबंधन अधिनियम (एफ0आर0बी0एम0) की सीमा को उत्तराखण्ड 2019-2020 में ही लांघ चुका है। उन्होंने कहा कि , इस वित्तीय वर्ष के अंत तक सरकार की आटसटैंडिग लाइबलिटीज जी0एस0डी0पी0 का 28.2 प्रतिशत हो जायेगी। जो खतरे के संकेत से 3.2 प्रतिशत अधिक है।
    नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ,कांग्रेस के माननीय विधायकों ने चितां व्यक्त की कि, सरकार अपने साल के बजट का बड़ा हिस्सा पुराना कर्जा देने और उसके ब्याज की अदायगी के रुप में खर्च कर रहे हैं। इस साल के बजट में इस साल 77 हजार करोड़ के बजट में से सरकार अनुमानित रुप से 17388 करोड़ रुपऐ याने लगभग 15 प्रतिशत केवल पुराना कर्ज और ब्याज देने में ही खर्च कर देगी तो फिर आपके राज्य में शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य आदि पर खर्च करने के लिए क्या बचेगा ? नेता प्रतिपक्ष ने चिंता व्यक्त की कि ,इस हालात में नए रोजगार सृृजृन की कल्पना करना ही बेकार है आप पुराने सृृजित रोजगारों को भी नहीं दे पाऐंगे।
    उन्होंने कहा कि ,कांग्रेस की चिंता थी कि ,उधारी और ब्याज चुकाने के बाद 2023-2024 में 66 हजार 179 करोड़ रुपए के खर्चों में से उत्तराखण्ड राज्य बाध्यकारी खर्चों याने वेतन , पेशन और ब्याज अदायगी पर ही इस वित्तीय साल में 32 हजार 583 करोड़ रुपए खर्च कर देगा। इन व्ययों को राजस्व व्यय भी कहते हैं। जो कुल प्राप्तियों का 57 प्रतिशत है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि , 66 हजार करोड़ के खर्चे में से 50 हजार करोड़ कर्ज वापसी, ब्याज अदायगी,वेतन, पेशंन आदि अनुत्पादक कार्यों में खर्च होने के बाद वह राज्य के लोगों के विकास की आकांक्षा , सामाजिक उत्तरदायित्वों और रोजगार सृृजन का कार्य कैसे करेगी ?
    उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि ,धन की अनुपलब्धता के कारण बजट में महिलाओं , बेरोजगार युवाओं, अनु0 जाति, जनजाति के लिए कोई विशेष ध्यान नहीं दिया गया है। विभागवार बजटों में भी केवल आंकड़ों की जादूगरी की गई है। इसलिए बजट केवल पुरानी बोतल में नई शराब जैसा ही है।
    उन्होंने कहा कि ,दिल्ली की केन्द्र सरकार के बजट ने भी इस साल किसानों और गांवों को निराश किया था अब प्रदेश की भाजपा सरकार ने भी किसानों और गांव को निराश किया है। दोनों सरकारें ये जबाब नहीं दे रही हैं कि क्या किसानों की आय दोगुनी हुई है ? क्या किसानों को उनकी फसलों का सही कीमत मिल रहा है ? डीजल, पेट्रोल, कीटनाशक, खाद, बीज सब महंगा हो गया है। डीजल की मंहगे होते ही सब कुछ मंहगा हो जाता है और सरकार मंहगाई से मुक्ति की बात कर रही है।
    नेता प्रतिपक्ष का आरोप है कि, बजट में इन्वेस्टमेंट पॉलिसी या उद्योग धंधे लगाने के लिए कोई राहत पैकेज नहीं किया गया। राज्य में यदि नया निवेश नहीं आयेगा और नए उद्योग स्थापित नहीं होंगे तो निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी नहीं बड़ेंगे। इस कारण महंगाई और बेरोजगारी की समस्या और अधिक बढ़ेगी इसी लिए कांग्रेस का आरोप है कि ,यह एक दिशाहीन और राज्य की आर्थिक वृद्धि पर चोट करने वाला बजट है। बजट में पर्वतीय अंचलों से हो रहे पलायन को रोकने के लिए कुछ खास नहीं है।
    नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि , गैरसैंण में बजट सत्र के आयोजन के बाद भी ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण का नाम तक बजट भाषण में न लेना यह सिद्ध करता है कि, सरकार को गैरसैंण और पर्वतीय क्षेत्र के विकास और उनकी भावनाओं की कोई परवाह नहीं है। प्रेस वार्ता में पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवम विधायक श्री प्रीतम सिंह,विधायक फुरकान अहमद ,श्रीमती ममता राकेश, श्रीमती अनुपमा रावत ,वीरेंद्र जाति, रवि बहादुर,प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री धामी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गैरसैंण का किया औचक निरीक्षण।

    मुख्यमंत्री धामी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गैरसैंण का किया औचक निरीक्षण।

    मुख्यमंत्री धामी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गैरसैंण का किया औचक निरीक्षण।

    मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गैरसैंण का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता एवं मरीजों के लिए अन्य आवश्यक सुविधाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अस्पताल में भर्ती मरीजों का हालचाल जाना।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत बन रहे 50 बेड के उप जिला चिकित्सालय के नवीन भवन की कार्य प्रगति का भी अवलोकन किया। उन्होंने कार्यदाई संस्था को इसका निर्माण कार्य जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य के दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में तेजी से कार्य हो रहे हैं। आयुष्मान योजना के तहत इस बार बजट में वृद्धि की गई है। इस योजना का लाभ सभी कार्ड धारकों को मिले, यह सरकार की प्राथमिकता है।

    इस अवसर पर विधायक श्री अनिल नौटियाल, श्री भूपाल राम टम्टा, श्री मुन्ना सिंह चौहान, सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार, जिलाधिकारी चमोली श्री हिमांशु खुराना, एसपी श्री प्रमेन्द्र डोभाल, सीएमओ डॉ. राजीव शर्मा , अपर जिलाधिकारी श्री अभिषेक त्रिपाठी एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

  • चमन लाल महाविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

    चमन लाल महाविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

    चमन लाल महाविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

     

    चमन लाल महाविद्यालय लंढौरा में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आचार्य विनोबा भावे के दर्शन की आधुनिक भारतीय समाज में प्रासंगिकता विषय पर आयोजन के द्वितीय दिवस का प्रथम सत्र का आयोजन आज दिनांक 11:03 2022 को प्रातः 9:30 के महाविद्यालय के सेमीनार हाल में प्रारंभ हुआ। सेमिनार के द्वितीय दिवस की विधिवत शुरुआत ज्ञान की देवी मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करके एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया ।तत्पश्चात महाविद्यालय के छात्र/छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई।मंच संचालन करते हुए डॉ.नवीन त्यागी ने सभी सम्मानित अतिथियों को मंच पर आमंत्रित किया।सेमिनार के आज अंतिम दिवस में मुख्य अतिथि के रुप में चमन लाल महाविद्यालय के प्रबंध समिति के अध्यक्ष पंडित राम कुमार शर्मा जी,मुख्य वक्ता के तौर पर डॉक्टर बबलू वेदालंकार,असिस्टेंट प्रोफेसर,दर्शनशास्त्र विभाग,गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय हरिद्वार और विशिष्ट अतिथि के रूप में चमन लाल महाविद्यालय के प्रबंध समिति के सचिव पंडित अरुण हरित जी और विषय विशेषज्ञ के रूप में डॉ अनुराग शर्मा,असिस्टेंट प्रोफेसर,वाणिज्य विभाग,राजकीय महाविद्यालय कोटद्वार भाबर तथा डॉ गिरिराज सिंह,राजकीय महाविद्यालय मरगूबपुर और डॉ तीर्थ प्रकाश,एसोसिएट प्रोफेसर, राजनीति विज्ञान विभाग,राजकीय महाविद्यालय मंगलौर,हरिद्वार ने अपनी गरिमामय उपस्थिति दर्ज की। सेमीनार के आयोजक एवं महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा आमंत्रित अतिथियों का स्वागत किया गया।स्वागत कार्यक्रम के पश्चात डॉ निशु कुमार भाटी असिस्टेंट प्रोफेसर,राजनीति विज्ञान विभाग, के द्वारा सेमिनार के प्रथम दिवस में हुए आयोजन एवं वक्ताओं का सारांश प्रस्तुत करने के साथ-साथ सेमिनार की स्पष्ट रूपरेखा भी प्रस्तुत की ।सेमिनार में विशेष वक्ता के रूप में डॉक्टर बबलू वेदालंकर ने अपने उद्बोधन की शुरुआत की। उन्होंने अपने वक्तव्य के प्रारंभ में सभी अतिथियों का अभिवादन करते हुए आचार्य विनोबा भावे के विचारों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि संत विनोबा भावे का दर्शन तर्क ,वैज्ञानिकता एवं तपस्वी जीवन की अनुभूतियों का परिणाम है। वे एक ऐसे आदर्श समाज की परिकल्पना प्रस्तुत करते हैं जिसका आधार प्रेम, संयम,अनुशासन तथा भावपूर्ण भावना से अभिभूत है जिसके द्वारा एक सुंदर परिवार एवं आदर्श समाज की स्थापना की जा सकती है ।अनेक प्रकार की समस्याएं जैसे परिवार का विघटन,सामाजिक हिंसा को दूर किया जा सकता है।बबलू ने स्पष्ट किया कि समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने के लिए मोदी का समाज के प्रति संवेदनशील राज्य की अवधारणा को साकार करने हेतु ग्रामीण परिवारों की जागरूक करने के अभियान चलाने की आवश्यकता है जिससे की वर्तमान समस्याओं को दूर किया जा सकता है वहीं दूसरे ने अपने उद्बोधन में कहा कि आचार्य के आर्थिक विचारों पर प्रकाश डालते हुए उनके भूदान आंदोलन का महत्व एवं आर्थिक क्षमता को प्रभावित करने का आधार बताया।डॉक्टर ने बताया कि भारत की प्रारंभिक अवस्था में भारत के ग्रामों में रहने वाले दरिद्र जन की दुर्दशा मुख्य कारण भूमि पर भारी दबाव था इसलिए उनसे भूमि को मुक्त करा कर के ग्रामीणों को स्वावलंबी बनाना एवं आत्मनिर्भरता का बोध कराना अति आवश्यक हो गया था ।इसलिए आचार्य विनोबा भावे ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को एक संबल प्रदान करने हेतु भूदान आंदोलन की शुरुआत की जिसके माध्यम से शोषक और जमीदार वर्ग से जमीन दान करा कर आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीणों को प्रदान की गई। इसी प्रकार आचार्य विनोबा भावे का दर्शन वर्तमान सर्वोदय समाज एवं सर्वजन हिताय की परिकल्पना का पोषक माना जा सकता है दोनों वक्ताओं के विचारों के पश्चात सेमिनार के प्रथम सत्र दिवस का समापन करते हुए सभी आमंत्रित अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया प्रथम सत्र के समापन पर पंडित श्री राम कुमार शर्मा जी द्वारा सभी अतिथियों को आशीर्वाद दिया।