Category: देहरादून

  • स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने मसूरी उप जिला चिकित्सालय का किया औचक निरीक्षण

    स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने मसूरी उप जिला चिकित्सालय का किया औचक निरीक्षण

    स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने मसूरी उप जिला चिकित्सालय का किया औचक निरीक्षण

     

     

    • अस्पताल में अव्यवस्था और गंदगी को लेकर जताई नाराजगी।

     

    स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने मसूरी उप जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। स्वास्थ्य सचिव द्वारा उप जिला चिकित्सालय में अवयवस्था और गंदगी देखकर जमकर संबधित अधिकारियों को फटकार लगाई व अस्पताल में नियुक्त डाक्टर और कर्मचारियों की अनुस्थिति पर सीएमएस से जबाब तलब किया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को अस्पताल में तैनात डॉक्टर ओर कर्मचारियों को बिना सीएमओं के अनुमति के अवकाश न जाने के निर्देश दिये। सचिव द्वारा अस्पताल में एमरजैंसी रूम, डॉक्टर कक्ष, आईसीयू, सिटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड एक्स-रे आदि की सुविधा को जांच किया गया। इस मौके पर उन्होंने डीजी हेल्थ उत्तराखंड को फोन पर निर्देश दिए कि वह तत्काल मसूरी में रहकर मसूरी के उप जिला चिकित्सालय की सभी कमियों को दूर कर अस्पताल में स्टाफ की कमियों को दूर करे। वह साफ सफाई को लेकर भी विशेष प्रबंध किया। उन्होंने अस्पताल में पैरामेडिकल और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की कमी को दूर करने को लेकर भी सीएमओ देहरादून को निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य सचिव डॉ राजेश कुमार ने कहा कि उनके द्वारा लगातार उत्तराखंड के विभिन्न अस्पतालों का समय-समय पर निरीक्षण कर वहां की कमियों को दूर करने की कोशिश की जाती है जिससे कि प्रदेश की जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा हाल में ही जिला रुद्रप्रयाग और चमोली जिले का स्वास्थ सुविधाएं और अस्पतालों का निरीक्षण किया गया। अस्पताल में पैरामेडिकल और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की कमियां को देखते हुए प्रदेश को 800 से ज्यादा नर्स मिलने जा रही है जिसका लाभ प्रदेश की जनता को मिलेगा। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा मसूरी के उप जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया गया जहां पर उनको कई खामियां भी मिली है मैं अस्पताल को व्यवस्थित तरीके से कैसे संचालित किया जाए जिसको लेकर भी कार्य योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि मसूरी के उप जिला चिकित्सालय को लेकर उनके द्वारा सभी संबंधित अधिकारियों को तलब किया गया है और जल्द बैठक कर अस्पताल को संचालित करने में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिये व स्वास्थ्य सुविधाओं को व्यवस्थित किए जाने को लेकर काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मसूरी के उप जिला चिकित्सालय में स्टाफ की कमी तो है ही परंतु अस्पताल मे तैनात है वह भी रेगुलर तरीके से अपनी ड्यूटी नहीं आ रहा है जो चिंता का विषय है। जिसको लेकर जल्द एक विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि मसूरी के अस्पताल में तैनात डॉक्टरों में सात डाक्टर पीएचडी करने के लिए गए हैं। वह उन डॉक्टरों की भरपाई को लेकर भी काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अस्पताल को बेहतर किए जाने को लेकर अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन, एक्स-रे, आईसीयू की सुविधा आईसीयू उपलब्ध है जिनको व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिये भी कार्य योजना तैयार की जायेगी। उन्होने कह कि अस्पताल में एमआरआई की सुविधा भी उपलब्ध कराई जायेगी। उन्होंने बताया कि जोशीमठ की आपदा को लेकर सरकार सभी प्रभावित लोगों की बेहतर मदद कर रही है वहीं स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड पर है। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा रोटेशन बेसिस में 26 डॉक्टरों की तैनाती की गई है। वह दो मनोविज्ञानी चिकित्सक भी जोशीमठ में तैनात किये गए है जिससे कि आपदा में मानसिक रूप से ग्रस्त लोगो की काउंसलिंग किया जा सके। वही डायरेक्टर गढ़वाल को जोशीमठ पर नियुक्त कर दिया गया है जो लगातार जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर स्वास्थ सुविधाओं का बेहतर कर रहे है। उन्होंने कहा कि जोशीमठ में सभी प्रकार की दवाइयां उपलब्ध है व जिला प्रशासन के संपर्क में है और अगर किसी प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाओं में दिक्कत होगी तो तत्काल दिक्कतों का निवारण किया जाएगा। सचिव डॉ राजेश कुमार ने कहा ऐसा लग रहा है कि मसूरी में तैनात डॉक्टर ओम ओनरशिप की भूमिका नहीं निभा रहे हैं जो दुर्भाग्यपूर्ण है उन्होंने कहा कि कोई भी अस्पताल को चलाने के लिए वहां पर तैनात अधिकारियों को अपनी अहम भूमिका निभानी चाहिए जिससे कि सीमित संसाधनों में बेहतर तरीके से अस्पताल को चलाया जा सके और लोगो को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं उपलब्ध हो सके।

  • ड्रोन के जरिए 40 मिनट में देहरादून से सीमांत जनपद उत्तरकाशी पहुंची 400 डोज वैक्सीन: सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार

    ड्रोन के जरिए 40 मिनट में देहरादून से सीमांत जनपद उत्तरकाशी पहुंची 400 डोज वैक्सीन: सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार

    ड्रोन के जरिए 40 मिनट में देहरादून से सीमांत जनपद उत्तरकाशी पहुंची 400 डोज वैक्सीन: सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार

    • ड्रोन टेक्नोलॉजी का सफल ट्रायल, जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी पहुंची वैक्सीन।

    •  जल्दही कोविड टीकाकरण की मुहिम हेतु उपयोग में लाए जाएंगे ड्रोन।

    प्रदेश के सुदूर इलाकों में दवाईयों को पहुंचाने हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से राज्य के दूरस्थ जनपदों में निवास कर रहे लाभार्थियों को कम से कम समय में वैक्सीन उपलब्ध कराने हेतु अनोखी पहल सफल साबित हुई। प्रदेश के भौगोलिक परिस्थितियों के मद्देनजर दवाओं, टीकों को समयबद्ध तरीके से पहुंचाने हेतु स्वास्थ्य विभाग उत्तराखंड ने ड्रोन टेक्नोलॉजी का सफल ट्रायल पूर्ण कर लिया है।

    सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा ड्रोन टेक्नोलॉजी का उपयोग कर देहरादून से सीमांत जनपद उत्तरकाशी तक महज 40 मिनट में वैक्सीन की डोज को सफलतापूर्वक पहुंचाया गया। प्रतिरक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत ड्रोन द्वारा डिप्थीरिया टिटनेस (डी.पी.टी.) व पेंटा की 400 डोज मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय उत्तरकाशी पहुंचाई गई है। अमूमन सड़क मार्ग से 5-6 घंटे का समय लगता है।
    डॉ. आर. राजेश कुमार ने यह भी अवगत कराया कि इस सफलतापूर्वक परीक्षण के बाद माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी व माननीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत जी द्वारा आगामी दिनों में प्रदेश के सूदूर इलाकों में ड्रोन के माध्यम से कोविड वैक्सीन को पहुंचाए जाने हेतु कार्य का शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग तथा इनफोरमेशन टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट एजेंसी (आई.टी.डी.ए.) के सहयोग से दवाईयों को पहुंचाया गया है।
    डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि प्रदेश में दवाईयों या वैक्सीन को पहुंचाने हेतु सड़क मार्ग का उपयोग किया जाता है, जिसमें काफी समय लगता है व कभी-कभी आपदा के कारण भी दवाई पहुंचाने में परेशानी होती है। स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि दवाई वितरण में किसी भी प्रकार की देरी न हो और समयपर सभी चिकित्सा इकाइयों तथा ऐसे स्थानों, गावों में जहां सड़क मार्ग की सुविधा नही है वहां भी दवाईयां, वैक्सीन उपलब्ध हो। निकट भविष्य में दुर्घटनाग्रस्त, आपदा या अन्य किसी विकट स्थिति पर समयान्तर्गत प्राथमिक उपचार की दवाईयां तथा अन्य सामाग्री पहुंचाने में ड्रोन टेक्नोलॉजी की सुविधा मील का पत्थर साबित होगी।
    सचिव महोदय द्वारा बताया गया कि कोविड के दृष्टिगत भी ड्रोन टेक्नोलॉजी काफी कारगर साबित होगी। हम प्रदेश के सभी चिकित्सा इकाइयों में वैक्सीन की उपलब्धता बनाए रखेंगे ताकि पात्र लाभार्थियों का टीकाकरण सुलभ तरीके से पूर्ण हो।

  • उत्तराखंड में 15 जनवरी तक सभी स्कूल बंद रहेंगे, आदेश जारी।

    उत्तराखंड में 15 जनवरी तक सभी स्कूल बंद रहेंगे, आदेश जारी।

    उत्तराखंड में 15 जनवरी तक सभी स्कूल बंद रहेंगे, आदेश जारी।

    उत्तराखंड शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने कोहरे और ठंड के कारण प्रदेश में संचालित सभी शासकीय / अशासकीय सहायता प्राप्त स्कूलों को 15 जनवरी तक बंद करने का निर्णय लिया हैं।

  • जिलाधिकारी ने गणंतत्र दिवस में आयोजित होने वाले कार्यक्रम के सफल सम्पादन हेतु मानसिक रूप से तैयार रहने के निर्देश दिए।

    जिलाधिकारी ने गणंतत्र दिवस में आयोजित होने वाले कार्यक्रम के सफल सम्पादन हेतु मानसिक रूप से तैयार रहने के निर्देश दिए।

    जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को गणंतत्र दिवस में आयोजित होने वाले कार्यक्रम के सफल सम्पादन हेतु मानसिक रूप से तैयार रहने के निर्देश दिए।

    देहरादून दिनांक 06 जनवरी 2023, गणतंत्र दिवस की तैयारियों एवं विभिन्न व्यवस्थाओं के संबंध में जिलाधिकारी श्रीमती सोनिका एवं डीआईजी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दलीप सिंह कुँवर की संयुक्त अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार कलेक्ट्रेट में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक आहूत की गई। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को गणंतत्र दिवस में आयोजित होने वाले कार्यक्रम के सफल सम्पादन हेतु मानसिक रूप से तैयार रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा एवं दायित्वों के सम्बन्ध में अगली बैठक में विस्तृत दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
    जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह अपने विभाग से संबंधित सभी तैयारियों समय से पूर्ण करने तथा आपसी समन्वय के साथ व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। नगर निगम को समस्त नगर निगम क्षेत्र एवं नगर निगम ऋषिकेश व समस्त नगर पालिका परिषदों को अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था के साथ ही 25 एवं 26 जनवरी को शासकीय भवनों को प्रकाशमान करने, लोनिवि को मुख्य कार्यक्रम स्थल पर बैरिकेटिंग, टैण्ट, मंच आदि व्यवस्थाएं बनाने, पेयजल निगम को कार्यक्रम स्थल पर पेयजल व्यवस्था, विद्युत विभाग को कार्यक्रम के दौरान, विद्युत व्यवस्था बनाने तथा स्वास्थ्य विभाग को कार्यक्रम स्थल पर सैनिटाइजर, मास्क, के साथ ही चिकित्सक टीम के साथ एम्बुलेंस तैनात रखने, पुलिस विभाग को सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। समस्त उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में गणतंत्र दिवस के अवसर पर समस्त व्यवस्थाएं बनाने तथा फ्लैग कोड का पालन करवाने के निर्देश दिए।
    इस दौरान डीआईजी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दलीप सिंह कुंवर ने सभी विभाग के अधिकारियों को समन्वय से कार्य करने कार्यक्रम के दौरान, सिटिंग प्लान, यातायात, पार्किंग आदि व्यवस्थाओं के साथ ही सुरक्षा आदि सभी पहलुओं को दृष्टिगत रखते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए।
    बैठक में डीआईजी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दलीप सिंह कुंवर, अपर जिलाधिकारी प्रशासन डाॅ0 एस.के बरनवाल, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के मिश्रा, संयुक्त मजिस्ट्रेट वरूणा अग्रवाल, अपर नगर मजिस्टेªट मायादत्त जोशी, जिला कमाण्डेट होमगार्ड राहुल सचान, निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण आरसी तिवारी, महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र अंजली रावत, सहायक निदेशक सूचना बी.सी नेगी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी भास्कर कुलियाल, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, नगर निगम, विद्युत, पेयजल निगम, जल संस्थान सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

  • मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश में जिलाधिकारी, देहरादून ने रोड किनारे बैठे निर्धन लोगों को कंबल, गर्म कपड़े वितरित किए।

    मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश में जिलाधिकारी, देहरादून ने रोड किनारे बैठे निर्धन लोगों को कंबल, गर्म कपड़े वितरित किए।

    मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के क्रम में जिलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने आज परेड ग्राउंड में रोड किनारे बैठे निर्धन लोगों को कंबल, गर्म कपड़े तथा दून अस्पताल में लोगों को कंबल वितरित किए।

    देहरादून दिनांक 27 दिसंबर 2022, शीतलहर के चलते माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के क्रम में जिलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने आज परेड ग्राउंड में रोड किनारे बैठे निर्धन लोगों को कंबल, गर्म कपड़े तथा दून अस्पताल में लोगों को कंबल वितरित किए। साथ ही जिलाधिकारी ने लोगों से कहा कि कोई भी व्यक्ति रात्रि में बाहर न रहे। उन्होंने संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया कि कोई व्यक्ति सड़क पर है तो उनको रैन बसेरों में ठहराया जाए।

    जिलाधिकारी की पहल पर जिला प्रशासन द्वारा निर्धन व्यक्तियों हेतु कपड़े एकत्रित किए जा रहें है। जिनके पास अतिरिक्त गर्म कपड़े हैं तथा उनका उपयोग नहीं कर रहे है वह स्मार्ट सिटी की बस में रखे बाॅक्स में कपड़े भेंट कर सकते हैं, यदि कोई टोल फ्री न0 पर 18001802525 पर काल कराता है तो टीम घर पंहुचकर कपड़े एकत्रित करगी तथा कलैक्शन सेन्टर से जरूरतमंदो को कपड़े वितरित किए जां रहें है। इसके अतिरिक्त वात्सल्य डे केयर सेन्टर वीरांगना तीलू रौतेली, कामकाजी महिला छात्रावास इ0सी0 रोड, सर्वे चौक पर भी कपडे़ भेंट किए जा सकते हैं।

    इसके उपरांत जिलाधिकारी ने दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया, भर्ती मरीजों का हालचाल जाना। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कोविड संक्रमण से बचाव हेतु तैयारियों की भी जानकारी चिकित्सकों से ली।

  • मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मसूरी विंटर कार्निवाल के अंतर्गत साइकिल रैली का शुभारंभ किया।

    मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मसूरी विंटर कार्निवाल के अंतर्गत साइकिल रैली का शुभारंभ किया।

    मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मसूरी विंटर कार्निवाल के अंतर्गत साइकिल रैली का शुभारंभ किया।

    मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय से मसूरी विंटर कार्निवाल के अंतर्गत साइकिल रैली का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मसूरी विंटर कार्निवाल पर्यटन को बढ़ावा देने वाला उत्सव है। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए साइकिल रैली का आयोजन किया जा रहा है। यह साइकिल रैली देहरादून से मसूरी तक होगी।

    मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड का नैसर्गिक सौन्दर्य पर्यटकों को आकर्षित करता है। राज्य सरकार द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य में सड़क, हवाई एवं रेल कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार हो रहा है। राज्य में नए टूरिस्ट डेस्टिनेशन विकसित किए जा रहे हैं।

    इस अवसर पर जिलाधिकारी देहरादून श्रीमती सोनिका, अपर जिलाधिकारी श्री के के मिश्रा, जिला पर्यटन अधिकारी श्री जसपाल चौहान, जिला कमांडेंट होमगार्ड डॉ. राहुल सचान उपस्थिति थे।

  • उत्तराखंड: UTU (उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी) के रिकॉर्ड रूम में लगी भीषण आग, देखे  वीडियो।।

    उत्तराखंड: UTU (उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी) के रिकॉर्ड रूम में लगी भीषण आग, देखे वीडियो।।

    उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी के रिकॉर्ड रूम में लगी भीषण आग।

    UTU (उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी) के रिकॉर्ड रूम में लगी भीषण आग। आग की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे दमकल कर्मी और स्थानीय पुलिस। कड़ी मसक्कत के बाद रिकॉर्ड रूम में लगी आग पर  काबू पाया जा सका। रिकॉर्ड रूम में रखे कई दस्तावेज आग में जलकर हुए खाक। आज सुबह तड़के रिकॉर्ड रूम में आग लगने की मिली जानकारी।

  • कम्बाइंड पीजी इन्स्टिटूट ऑफ मेडिकल साइयन्स एंड रिसर्च एंड उत्तरांचल इन्स्टिटूट ओफ़ हॉस्पिटैलिटी मैनजमेंट एंड टूरिज़्म देहरादून के तीन दिवसीय खेल महाकुंभ का समापन।

    कम्बाइंड पीजी इन्स्टिटूट ऑफ मेडिकल साइयन्स एंड रिसर्च एंड उत्तरांचल इन्स्टिटूट ओफ़ हॉस्पिटैलिटी मैनजमेंट एंड टूरिज़्म देहरादून के तीन दिवसीय खेल महाकुंभ का समापन।

    कम्बाइंड पीजी इन्स्टिटूट ऑफ मेडिकल साइयन्स एंड रिसर्च एंड उत्तरांचल इन्स्टिटूट ओफ़ हॉस्पिटैलिटी मैनजमेंट एंड टूरिज़्म देहरादून के तीन दिवसीय खेल महाकुंभ का समापन।

    देहरादून के सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रूप ओफ़ कॉलेज देहरादून में आयोजित 3 दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता का आज विधिवत समापन।
    समापन समारोह के मौके पर महिला आयोग की अध्यक्षा कुसुम कंडवाल, हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. हेम चन्द्र पांडे, यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, ज्वाइंट डायरेक्टर अभियोजन एडवोकेट गिरीश पंचोली, टैक्नो हब की अध्यक्ष रीमा पंत, खाद्य आपूर्ति विभाग के प्रांतीय अध्यक्ष सुनील देवली, अन्तर्राष्ट्रीय एथलीट मानसी नेगी ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होकर विजेता टीम व प्रतिभागियों को सम्मानित किया।

    8 दिसंबर 2022 को डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला ने इस खेलकूद प्रतियोगिता का उद्घाटन किया था, तो वहीं 9 दिसंबर को उत्तराखण्ड़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. आर. के जैन व सोशल बलूनी ग्रुप के अध्यक्ष विपिन बलूनी ने छात्र-छात्राओं का हौंसला बढ़ाया। खेलकूद प्रतियोगिता में संस्थान के 5 ग्रुपों (नंदादेवी, पंचाचूली, त्रिशूल, नीलकंठ, बद्रीविशाल) ने 3 दिन तक विभिन्न खेलों में अपना दमखम दिखाया। ग्रुप के तौर पर बद्रीविशाल ग्रुप ने प्रथम स्थान प्राप्त कर किया तो वहीं नंदा देवी ग्रुप ने दूसरा स्थान प्राप्त किया।

    आज कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया, तत्पश्चात छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी। वहीं छात्र-छात्राओं ने बैंड की धुन पर शानदार परेड निकाली, मुख्य अतिथियों ने परेड की सलामी ली। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कॉलेज के चेयरमैन एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने कार्यक्रम में सभी अतिथियों का स्वागत किया।

    राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए  छात्र-छात्राओं को अपनी शुभकामनाएं दी व बाल अपराधों से सजग रहने की अपील की। वहीं कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. हेम चन्द्र पांडे छात्र-छात्राओं ने प्रस्तुत की गई परेड को खूब सराहा, उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं की इस प्रस्तुति ने उन्हें अपने सेना के दौरान के दिनों की यादें ताजा कर दी हैं। उन्होंने कॉलेज के चेयरमैन एडवोकेट ललित मोहन जोशी द्वारा नशे के खिलाफ किए जा रहे कार्य की सराहना की। साथ हमुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों ने संस्थान द्वारा प्रत्येक वर्ष 300 निर्धन बच्चों को निःशुल्क उच्च शिक्षा प्रदान किए जाने को लेकर अपनी शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए कहा कि इस उनके इस अभियान को अपना हरसंभव सहयोग करेंगे।

    ये रहे विजेता-

    क्रिकेट प्रतियोगिता (पुरूष) में नीलकंठ व पंचाचूली ग्रुप की मिश्रित टीम विजेता रही। रस्साकशी (पुरूष) में बद्रीविशाल ग्रुप विजयी रहा। जबकि महिलाओं की रस्साकशी में त्रिशूल ग्रुप ने बाजी मारी। खो-खो प्रतियोगिता (महिला) में पंचाचूली ग्रुप विजयी रहा।

    बॉलीबाल प्रतियोगिता (पुरूष) बद्रीविशाल ग्रुप के नाम रही, वहीं महिलाओं में नीलकंठ व पंचाचूली ग्रुप की मिश्रित टीम ने बाजी मारी। कबड्ड़ी प्रतियोगिता (पुरूष) एवं महिला दोनों नंदादेवी ग्रुप ने जीती।

    एथैलेटिक्स में 100 मीटर दौड़ (पुरूष) में नंदादेवी ग्रुप से शिवाज ने प्रथम स्थान प्राप्त कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया वहीं बद्रीविशाल ग्रुप से आयुष नेगी ने रजत व त्रिशूल ग्रुप से आशुतोष ने कांस्य पदक जीता। 100 मीटर दौड़ (महिला) में पंचाचूली ग्रुप की अनामिका ने प्रथम स्थान प्राप्त कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया, वहीं बद्रीविशाल ग्रुप की ईस्टर को रजत व नीलकंठ ग्रुप की अनीशा को कांस्य पदक मिला।

    200 मीटर दौड़ (पुरूष) में नंदा देवी ग्रुप के शिवाज ने गोल्ड मेडल, बद्रीविशाल ग्रुप के मनीष ने रजत, त्रिशूल ग्रुप के मुकुल ने कांस्य पदक जीता। वहीं 200 मीटर दौड़ (महिला) में नंदा देवी ग्रुप की साक्षी ने गोल्ड, नीलकंठ ग्रुप की हिमानी ने रजत, बद्रीविशाल ग्रुप की अर्चना ने कांस्य पदक जीता।

    400 मीटर दौड़ (पुरूष) में बद्रीविशाल ग्रुप के मनीष ने गोल्ड, नंदा देवी ग्रुप के शिवाज ने रजत, नीलकंठ ग्रुप के भानु ने कांस्य पदक जीता। वहीं 400 मीटर दौड़ (महिला) में पंचाचूली गु्रप के मानषी कण्डियाल ने गोल्ड मेडल, त्रिशूल ग्रुप के आरती कोहली ने रजत, नंदादेवी ग्रुप के कांस्य पदक जीता।

    रीले दौड़ (पुरूष) में त्रिशूल ग्रुप के नकुल, अबाधाद, मुकुल, प्रियांशु ने गोल्ड, नंदा देवी ग्रुप के राहुल, लक्षित, अभिषेक, योगेश ने रजत, बद्रीविशाल ग्रुप के सचिन, विपिन रावत, विपिन सिंह, मनीष ने कांस्य पदक जीता। रीले दौड़ (महिला) में पंचाचूली ग्रुप के अनामिका, गुंजन, मानषी रावत, मानषी कण्डियाल ने गोल्ड, नीलकंठ ग्रुप के तनिशा, नेहा, र्किनता, अनीशा ने रजत, नंदादेवी ग्रुप के लता, संतोषी, आस्था, अंकिता ने कांस्य पदक जीता।

    लम्बी कूद (पुरूष) में बद्रीविशाल ग्रुप के आयुष ने गोल्ड, ब्रदीविशाल ग्रुप के मनीष ने रजत, त्रिशूल ग्रुप के मुकुल ने कांस्य पदक जीता। लम्बी कूद (महिला) में बद्रीविशाल ग्रुप के अर्चना ने गोल्ड, पंचाचूली ग्रुप के अनामिका ने रजत, नीलकंठ ग्रुप के सुजाता ने कांस्य पदक जीता।

    ऊंची कूद (पुरूष) में बद्रीविशाल ग्रुप के मोहित ने गोल्ड, ब्रदीविशाल ग्रुप के आयुष ने रजत, नंदादेवी ग्रुप के राहुल ने कांस्य पदक जीता। ऊंची कूद (महिला) में नीलकंठ ग्रुप के आंचल ने गोल्ड, नीलकंठ ग्रुप के आकांक्षा ने रजत, पंचाचूली ग्रुप के अनामिका ने कांस्य पदक जीता।

    गोला फेंक (पुरूष) में पंचाचूली ग्रुप के करन ने गोल्ड, नीलकंठ ग्रुप के हर्ष ने रजत, बद्रीविशाल ग्रुप के तरूण ने कांस्य पदक जीता। गोला फेंक (महिला) में नीलकंठ ग्रुप के तनीषा ने गोल्ड, नीलकंठ ग्रुप के नवांग तंजीन ने रजत, पंचाचूली ग्रुप के अनामिका ने कांस्य पदक जीता।

    भाला फेंक (पुरूष) में नीलकंठ ग्रुप के करन ने गोल्ड, ब्रदीविशाल ग्रुप के मनीष ने रजत, ब्रदीविशाल ग्रुप के आयुष ने कांस्य पदक जीता।

    कैरम बोर्ड (पुरूष) में त्रिशूल ग्रुप के रवि व अनस ने गोल्ड, बद्रीविशाल ग्रुप के अमित जोशी व सूरज जोशी ने रजत, नंदादेवी ग्रुप के फरमान व शादमान ने कांस्य पदक जीता। कैरम बोर्ड (महिला) में त्रिशूल ग्रुप के मनीषा व आकांशा ने गोल्ड, नीलकंठ ग्रुप के हिमांशी व खुशी ने रजत, बद्रीविशाल ग्रुप के अंजलि व मीनाक्षी ने कांस्य पदक जीता।

    कार्यक्रम में CIMS&UIHMT ग्रुप के डायरेक्टर रमेश चन्द्र जोशी, मैनेजिंग डायरेक्टर संजय जोशी, केदार सिंह अधिकारी, प्रिंसिपल आर.एन. सिंह, गुरु देव सिंह, ग्रुरप्रीत कौर, वाइस प्रिंसिपल रबीन्द्र कुमार झा, शिखा, डा. रणजीत कुमार, डा. उत्कर्ष सिंह, पंकज सजवाण, डा. शशांक, डा. हेमंत नागर, शिवानी, प्रकृति थापा, आसिफ़ मलिक, प्रशांत मौर्या, गोपाल, राजेंद्र कुमार, अनिल जोशी, उमेश जोशी, दीवान सिंह आदि शिक्षक व कर्मचारीगण सहित कॉलेज के 1000 से अधिक बच्चे उपस्थित रहे।

  • आईओए चुनाव:  डॉ अलकनंदा अशोक बनीं भारतीय ओलंपिक संघ की संयुक्त सचिव।

    आईओए चुनाव:  डॉ अलकनंदा अशोक बनीं भारतीय ओलंपिक संघ की संयुक्त सचिव।

    आईओए चुनाव:  डॉ अलकनंदा अशोक बनीं भारतीय ओलंपिक संघ की संयुक्त सचिव।

     

    उत्तराखंड बैडमिंटन एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉ अलकनंदा अशोक (Alaknanda Ashok) को बड़ी जिम्मेदारी मिली है। उन्हें भारतीय ओलंपिक संघ (Indian Olympic Association) का संयुक्त सचिव चुना गया है। इस पद के लिए अलकनंदा के सामने सुमन कौशिक मैदान में थी।

    10 दिसंबर को भारतीय ओलंपिक संघ के चुनाव में डॉ अलकनंदा अशोक को संयुक्त सचिव चुना गया। संयुक्त सचिव पद के लिए डॉ अलकनंदा अशोक और सुमन कौशिक मैदान में थे, जिसमें डॉ अलकनंदा ने 48-21 से जीत हासिल की। डॉ अलकनंदा को भारतीय बैडमिंटन महासंघ द्वारा नामांकित किया गया था।
    डॉ अलकनंदा अशोक वर्तमान में उत्तराखंड स्टेट बैडमिंटन एसोसिएशन की अध्यक्ष हैं, वे बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया की उपाध्यक्ष और संयुक्त सचिव भी रही हैं। डॉ अलकनंदा अशोक 4 बार एशियन राफ्टिंग चैंपियन रह चुकी हैं और राष्ट्रीय स्तर पर कायाकिंग में कांस्य पदक हासिल किया और दो बार मास्टर्स बैडमिंटन चौंपियनशिप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया है।

    डॉ अलकनंदा अशोक की बेटी कुहू गर्ग अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी हैं, जिन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व कर 13 अंतरराष्ट्रीय मेडल जीते हैं। भारतीय ओलंपिक संघ की संयुक्त सचिव चुने जाने पर अलकनंदा अशोक ने उत्तराखंड स्टेट बैडमिंटन एसोसिएशन और बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि उनका पूरा प्रयास होगा कि भारत को वर्ल्ड स्पोर्टस में सुपर पावर बनाया जाएगा. उल्लेखनीय है कि भारतीय ओलंपिक संघ में महसचिव का पद खत्म होने से दोनों संयुक्त सचिव की भूमिका महत्वपूर्ण होगी.

  • राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु ने दून विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में 36 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया।

    राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु ने दून विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में 36 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया।

    राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु ने शुक्रवार को दून विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में 36 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया।

    समारोह में वर्ष 2021 के स्नातक, परास्नातक एवं पी.एच.डी के 669 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई। स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले 36 विद्यार्थियों में 24 छात्राएं शामिल थीं। जिन्होंने विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह की थीम ‘उभरती नारी शक्ति’ को चरितार्थ किया।

    राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने देवभूमि उत्तराखंड को नमन करते हुए कहा कि आज दून विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भाग लेकर उन्हें बहुत खुशी हो रही है। डिग्री और मेडल प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि इस दिन की स्मृति इन विद्यार्थियों के जीवन-यात्रा के सबसे यादगार अनुभव में से एक रहेगी। आज इन विद्यार्थियों का एक सपना साकार हो रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह विश्वविद्यालय शिक्षा के विभिन्न मानकों पर एक उत्कृष्ट संस्थान के रूप में अपनी पहचान बनाएगा। राष्ट्रपति ने कहा कि किसी भी देश की प्रगति, उसके मानव संसाधन की गुणवत्ता पर निर्भर होती है। मानव संसाधन की गुणवत्ता, शिक्षा की गुणवत्ता पर निर्भर करती है। आज का युवा, कल का भविष्य है, इस सूत्र वाक्य को अंगीकार करते हुए, दून विश्वविद्यालय को सिर्फ राज्य स्तर पर ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर गुणवत्तापरक मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में कार्यरत रहना है।

    राष्ट्रपति ने कहा कि दून विश्वविद्यालय युवाओं को सक्षम बनाने हेतु उन्हें कौशल प्रदान करने के लिए कृतसंकल्प है। विश्वविद्यालय द्वारा पांच विदेशी भाषाओं और तीन स्थानीय भाषाओं का भी अध्ययन व अध्यापन कार्य किया जा रहा है। विश्वविद्यालय द्वारा स्थानीय भाषाओं को प्रोत्साहित करना हमारी लोक संस्कृति की संरक्षण का सराहनीय प्रयास है। हमारी लोक भाषाएं हमारी संस्कृति की अमूर्त धरोहर हैं। विश्वविद्यालय ने वर्तमान सत्र से राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू किया है। भारत को नॉलेज सुपर पावर बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में यह उपयोगी कदम है। उन्होंने कहा कि हम स्वाधीनता के 75 वर्ष पूरे होने पर आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। हमारा राष्ट्रीय लक्ष्य है कि देश को अगले पच्चीस वर्षो के अमृत- काल में विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में शामिल करें। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए युवा शक्ति का सहयोग अधिक महत्वपूर्ण होगा।

    राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि विश्वविद्यालय में ’सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी चेयर स्थापित की गई है, जो राज्य के विकास के लिए नीति-निर्माण और क्षमता विकास के लिए समर्पित है। डॉ. नित्यानंद हिमालयी शोध एवं अध्ययन केन्द्र भी स्थापित किया गया है, जिसमें राज्य के भौगोलिक, ईकोलॉजिकल, आर्थिक और सामाजिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों में शोध और अध्ययन को प्रोत्साहित किया जायेगा। उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय स्तर के अनेक संस्थान भारतीय सैन्य अकादमी, भारतीय वन्य जीव संस्थान, लाल बहादुर शास्त्री अकादमी, वन अनुसंधान संस्थान, भारतीय पेट्रोलियम अनुसंधान संस्थान तथा गोविंद वल्लभ पंत कृषि विश्वविद्यालय विद्यमान हैं जिनकी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि दून विश्व विद्यालय भी इन संस्थानों की तरह ख्याति प्राप्त करेगा। राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जो पूरे राष्ट्र में बदलाव ला सकता है। शिक्षण संस्थानों में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा दिया जाना चाहिए ताकि छात्र तकनीकी कौशल से और अधिक सम्पन्न हां और स्वयं रोजगार की तलाश करने के बजाए दूसरों को रोजगार उपलब्ध करवाएं। विश्वविद्यालय में डेमोग्राफिक रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए स्थापित किये गये डाटा सेंटर से राज्य की डेमोग्राफिक इंफोर्मेशन सहज उपलब्ध होगी, और डेमोग्राफिक रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा।

    राष्ट्रपति ने कहा कि हमारी बेटिया जीवन के सभी क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर रही हैं। इसका साक्षात उदाहरण आज के इस दीक्षांत समारोह में देखने को मिला 36 गोल्ड मेडल्स में से 24 मेडल छात्राओं को प्राप्त हुए हैं, जबकि सोलह शोधार्थियों में से आठ बेटियों को पीएचडी की डिग्री प्रदान की गई है। इससे यह सिद्ध होता है कि संस्थान में महिलाओं को शिक्षा के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हैं और उनको प्रोत्साहित करने के लिए संस्थान प्रतिबद्ध है। विश्वविद्यालय में तकनीकी शिक्षा को विशेष रूप से बढ़ावा देने के लिए, तीन तकनीकी स्कूल- स्कूल ऑफ बायोलोजिकल साइंस, स्कूल ऑफ डिजाइन और स्कूल आफ एनवायरमेंट एंड नेचुरल रिसोर्सेज कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब हमारी बेटियां विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित जैसे विषयों में और अधिक उत्कृष्टता प्राप्त करेंगी तो महिला सशक्तीकरण को और अधिक बल मिलेगा। आज उपाधि और पदक प्राप्त करने के बाद, इन विद्यार्थियों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि ये विद्यार्थी जिस भी क्षेत्र में जाएं, उस कार्य को बहुत निष्ठा से और सर्वोत्तम रूप से करें, तभी शिक्षा कारगर और सार्थक होगी।

    राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) श्री गुरमीत सिंह ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का हार्दिक स्वागत करते हुए कहा कि आज एक सुखद अनुभूति रही है। आज दून विश्वविद्यालय में सर्वोच्च मातृशक्ति के रूप में माननीय राष्ट्रपति जी हम सभी को आशीर्वाद प्रदान करने हेतु उपस्थित हुई हैं। विश्वविद्यालय ने पूरे वर्ष के लिए ‘उभरती नारी शक्ति’ थीम को आत्मसात किया है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हमारे सामने है, आज विश्वविद्यालय की मीडिया एवं एन.सी.सी की टीम में बड़ी तादात में हमारी बेटियां भाग ले रही हैं। राज्यपाल ने डिग्री प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि आज का दिन इन विद्यार्थियों के लिए एक उत्सव का दिन है, लेकिन आज का दिन मनन का भी है। कुछ साल पहले जब इन विद्यार्थियों ने इस ज्ञान के मन्दिर के अन्दर कदम रखा था, तो इनके ज्ञान के सच्चे साधक होने का प्रशिक्षण, आपके आलोचनात्मक सोच के क्षितिज को व्यापक बनाने का प्रशिक्षण शुरु हुआ था। दीक्षांत समारोह औपचारिक रूप से उस दीक्षा के पूरा होने का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि डिग्री हासिल करने का यह अर्थ नहीं है कि हमारी सीखने एवं ज्ञान अर्जन की प्रक्रिया पूरी हो गयी, उन्होंने आशा व्यक्त की कि ये विद्यार्थी पूरे जीवन ज्ञान और विद्या के शिक्षार्थी बनें रहेंगे। राज्यपाल ने आशा व्यक्त की कि ये विद्यार्थी अपनी शिक्षा और ज्ञान का उपयोग न केवल अपनी भौतिक समृद्धि के लिए करेंगे, बल्कि अपनी आध्यात्मिक समृद्धि के लिए भी करेंगे। जीवन की सफलताओं में विनम्र बने रहेंगे,एक जिम्मेदार नागरिक बनेंगे।

    मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी के संघर्षमय जीवन का फलक अत्यंत व्यापक रहा है। उनकी प्रगतिशील चेतना ही थी जिसने इन भीषण संघर्षों की ज्वाला में तपाकर उनको विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत की राष्ट्रपति होने का गरिमामय आसन प्रदान किया। राष्ट्रपति जी का जीवन संघर्ष के साथ साथ महिला सशक्तिकरण की भी प्रेरणादाई मिसाल है। उनका सरल स्वभाव, धैर्यशीलता एवं विनम्र आचरण सभी के लिए अनुकरणीय उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा राज्य प्राचीन काल से ही धर्म, आध्यात्म और संस्कृति की महान परम्परा का ध्वजवाहक रहा है। देवभूमि उत्तराखंड सच्चे अर्थों में वसुधैव कुटुम्बकम की समृद्ध विचारधारा का पुण्य स्त्रोत है, जहां से “चिपको“ जैसा जनआंदोलन प्रारंभ हुआ जिसने प्रकृति की महत्ता को विश्व पटल पर पुनः रेखांकित किया और विश्व को गौरा देवी जी जैसी जुझारू महिला के व्यक्तित्व से परिचित होने का मौका दिया। उत्तराखण्ड के शैक्षणिक संस्थान भारत ही नहीं अपितु विश्वभर में विद्या के प्रचार प्रसार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उत्तराखंड की समृद्ध ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाते हुये दून विश्वविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। उत्तराखण्ड सरकार द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को राज्य में लागू करने का निर्णय लिया जा चुका है। दून विश्वविद्यालय के लिये नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति इसलिये भी प्रासंगिक हो जाती है क्योंकि दून विश्वविद्यालय उत्तराखण्ड का एकमात्र विश्वविद्यालय है जहाँ विदेशी भाषाओं जैसे जापानी, फ्रेंच, जर्मन, चीनी तथा स्पेनिश में ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट एवं पीएच०डी० कोर्स संचालित किये जा रहे हैं, जिससे छात्रों को न केवल अंतराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न देशों की भाषा एवं संस्कृति को समझने में मदद मिल रही है बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।

    उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने डिग्री प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को शुभकामना देते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करना वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है। राज्य में उच्च शिक्षा में भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य में 05 लाख से अधिक विद्यार्थी उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जिसमें से 65 प्रतिशत बालिकाएं हैं। 2025 तक राज्य को पूर्ण साक्षर बनाने, क्षय रोग मुक्त उत्तराखण्ड, नशा मुक्त उत्तराखण्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

    इस अवसर पर वैज्ञानिक, पद्मविभूषण डॉ० के. कस्तूरीरंगन, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री प्रेमचन्द अग्रवाल, श्री सुबोध उनियाल, पूर्व मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, विधायकगण, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।